गाजियाबाद में जल संकट बढ़ने के कारण अब पुराने कुओं की हो रही है तलाश

ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय
गाजियाबाद : गाजियाबाद जिले में तेजी से गिरते भूजल स्तर को देखते हुए प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। जिले में लगभग हजार से ऊपर पुराने और लुप्त हो चुके कुओं की तलाश की जा रही है, ताकि उन्हें पुनर्जीवित कर जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके।
प्रशासन इस अभियान में आधुनिक रिमोट सेंसिंग तकनीक का उपयोग कर रहा है। इस तकनीक की मदद से भोजपुर क्षेत्र में अब तक 195 पुराने कुओं की पहचान की जा चुकी है। इन कुओं का जल्द ही जीर्णोद्धार किया जाएगा, जिससे वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा और भूजल स्तर में सुधार हो सकेगा।
दरअसल, गाजियाबाद के पांच में से चार जोन “डार्क जोन” में आ चुके हैं, जहां भूजल का अत्यधिक दोहन हो चुका है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में जल संकट और गंभीर हो सकता है।
औद्योगिक गतिविधियों और शहरीकरण के तेजी से बढ़ने के कारण जिले में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। इसी के चलते प्रशासन ने पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने की दिशा में यह पहल शुरू की है।
अधिकारियों के अनुसार, पुराने कुएं समय के साथ या तो बंद हो गए हैं या पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। अब इनकी खोज कर सफाई, गहरीकरण और आसपास जल संचयन की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
इसके अलावा, रिमोट सेंसिंग तकनीक के माध्यम से अन्य संभावित जल संरक्षण स्थलों की भी पहचान की जा रही है। चरणबद्ध तरीके से सभी चिन्हित कुओं का पुनर्निर्माण कर उन्हें फिर से उपयोगी बनाया जाएगा।
यह पहल न केवल भूजल स्तर को सुधारने में मदद करेगी, बल्कि भविष्य के जल संकट से निपटने के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है|

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