गोरखपुर मंडल प्रभारी आशुतोष चौधरी
बीमारियों से बचाव को लेकर सरकार द्वारा सामुदायिक शौचालयों का निर्माण ग्राम पंचायत स्तर पर किया गया।साथ ही लोगों में जागरूकता के लिए पानी की तरह पैसा बहाया गया।लेकिन भ्रस्टाचार के चलते गवई इलाकों के शौचालय खंडहर बन चुके हैं।जो उपयोग लायक नहीं हैं।
इसी तरह का एक मामला उरूवा बाजार के ग्राम पंचायत बेलासपुर का है।जहां शौचालय बनाने में 5.10 लाख धन खर्च किया गया और केयर टेकर की नियुक्ति भी कर दी गयी।लेकिन डेढ़ बर्ष बीतते ही सामुदायिक शौचालय खंडहर में तब्दील हो गया।
ग्रामीणों की शिकायत पर जब हमारी टीम मौके पर पहुंची तो शौचालय में गंदगी का अंबार मिला।साथ ही पुरुष वर्ग के लिए बनाए गए शौचालय की शीट उपयोग लायक नहीं मिला।वही दूसरी ओर फाटक भी गायब मिले।
सामुदायिक शौचालय की केयर टेकर श्रीमती सरोज देवी ने बताया कि शौचालय ऊपर से खुला है।ग्रामीणों के बच्चे ऊपर से चढ़कर शौचालय में जाकर तोड़-फोड़ कर देते हैं।
उन्होंने बताया कि शौचालय का टुल्लू पम्प व टूटा फाटक मेरे घर सुरक्षित है।
इस सम्बंध में एडीओ पंचायत रमेश सिंह से बात करने पर उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान व सिकरेट्री को नोटिस जारी करके आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

