जन्मदिन को बनाया इंसानियत और सेवा का महापर्व

जन्मदिन को बनाया इंसानियत और सेवा का महापर्व

 

समाजसेवी अब्दुल वहीद ने जन्मदिन पर खुशियां बांटकर जीते सैकड़ों दिल

 

केजीएमयू में तीमारदारों और मासूम बच्चों के चेहरों पर लौटी मुस्कान,भावुक कर गया सेवा का यह अनूठा उत्सव

 

बच्चों को उपहार देकर बांटी खुशियां,रैन बसेरे के लिए भेंट किया विशाल वाटर कूलर, 52 पौधे लगाने का संकल्प लेकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

 

 

लखनऊ।आज के दौर में जहां जन्मदिन की खुशियां अक्सर आलीशान पार्टियों और दिखावे तक सीमित रह जाती हैं, वहीं वरिष्ठ पत्रकार एवं कर्मठ समाजसेवी अब्दुल वहीद ने अपने 52वें जन्मदिन को मानवता, सेवा और संवेदनाओं का उत्सव बनाकर समाज के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।

उन्होंने अपने जन्मदिन को “सेवा दिवस” के रूप में मनाते हुए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में इलाज करा रहे जरूरतमंद मरीजों के तीमारदारों और मासूम बच्चों के बीच पहुंचकर उनकी खुशियों में अपनी खुशियां तलाशीं।सेवा के इस भावपूर्ण आयोजन ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों को नम कर दिया और चेहरों पर सुकून भरी मुस्कान बिखेर दी।पिछले 19 वर्षों से निस्वार्थ भाव से मरीजों और उनके परिजनों की सेवा कर रही विजय श्री फाउंडेशन की प्रसादम सेवा के सहयोग से न्यूरोलॉजी विभाग के सामने स्थित भोजनगृह में सैकड़ों जरूरतमंद मरीजों एवं तीमारदारों को प्रेमपूर्वक पौष्टिक भोजन और ताजे फलों का वितरण किया गया। इसके साथ ही संस्था द्वारा संचालित रैन बसेरे में भी भोजन सेवा का आयोजन कर वहां ठहरे लोगों को सम्मानपूर्वक भोजन कराया गया।इस बार का जन्मदिन कई मायनों में विशेष रहा। मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे मरीजों के मासूम बच्चों के लिए यह दिन किसी उत्सव से कम नहीं था।अब्दुल वहीद ने बच्चों को रंग-बिरंगे गुब्बारे, बिस्कुट, नमकीन, फल एवं अन्य उपयोगी सामग्री भेंट की और बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया, उनसे आत्मीय संवाद किया तथा उनके चेहरों पर मुस्कान लौटाने का प्रयास किया। बच्चों की खिलखिलाहट और मासूम खुशियां पूरे वातावरण को भावुक बना रही थीं।कार्यक्रम के दौरान कई तीमारदार भावुक हो उठे। उन्होंने कहा,”आज आपने अपना जन्मदिन हमारे बीच मनाकर यह एहसास कराया कि समाज में इंसानियत अभी भी जिंदा है। हमारी खुशियों और दुखों को अपना समझने वाले लोग ही समाज की असली ताकत हैं। ईश्वर आपको लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर सेवा करने की शक्ति प्रदान करे।”सेवा का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। अब्दुल वहीद ने अपने कैसरबाग स्थित आवास पर भी पहुंचे गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों को वस्त्र वितरित कर उनकी सहायता की। वर्षों से वे समाज के वंचित वर्ग के लिए राशन, दवाइयां, वस्त्र एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराते रहे हैं और हर संकट की घड़ी में जरूरतमंदों के साथ मजबूती से खड़े रहते हैं।अपने जन्मदिन को समाज के लिए और अधिक उपयोगी बनाते हुए उन्होंने विजय श्री फाउंडेशन द्वारा संचालित रैन बसेरे के लिए एक बड़ा वाटर कूलर भी भेंट किया, जिससे वहां ठहरने वाले मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ एवं शीतल पेयजल की सुविधा मिल सके। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 52 पौधे रोपने का संकल्प भी लिया और प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।इस अवसर पर विजय श्री फाउंडेशन के संचालक एवं सुप्रसिद्ध समाजसेवी विशाल सिंह ‘फूडमैन’ ने अब्दुल वहीद को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सेवा का वास्तविक अर्थ वही है जो बिना किसी स्वार्थ के जरूरतमंद लोगों के जीवन में खुशियां बांटे। उन्होंने रैन बसेरे के लिए वाटर कूलर भेंट करने पर विशेष आभार व्यक्त किया और समाज के सक्षम लोगों से अपील की कि वे भी आगे बढ़कर जरूरतमंदों की सहायता के लिए अपना योगदान दें।कार्यक्रम में विशाल सिंह ‘फूडमैन’ एवं उनकी टीम के देवेंद्र उर्फ सुमन,रामजी वर्मा,जितेंद्र के अलावा अभय अग्रवाल,इमरान कुरैशी, संजय गुप्ता, परवेज अख्तर, डॉ. आदर्श त्रिपाठी, जमील मालिक, मुजीब बेग,आरिफ मुकीम, मोहम्मद इकराम,अवधेश सोनकर,अमरजीत कुरील, सुरेंद्र सोनकर, तौसीफ आलम, तमजीद आलम सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।अब्दुल वहीद का यह जन्मदिन केवल एक व्यक्तिगत उत्सव नहीं था, बल्कि मानवता, करुणा, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का ऐसा प्रेरक संदेश बन गया, जिसने यह साबित कर दिया कि किसी भी खुशी का सबसे सुंदर रूप वही है, जब वह दूसरों के जीवन में मुस्कान बनकर पहुंचे।

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