जांबिया में शैक्षिक भ्रमण पर गए भारतीय डेलिगेशन में अयोध्या के एसआरजी डॉ अम्बिकेश त्रिपाठी भी शामिल
अयोध्या।प्रथम फाउंडेशन और प्रथम इंटरनेशनल के तत्वाधान में पूर्व निदेशक बेसिक शिक्षा परिषद एवं पूर्व निदेशक एससीईआरटी उत्तर प्रदेश लखनऊ तथा वर्तमान में प्रथम फाउंडेशन के एडवाइजर डॉक्टर सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह के नेतृत्व में 8 सदस्य भारतीय डेलिगेशन जांबिया में 21 जून से 27 जून तक के शैक्षिक भ्रमण पर गया।जिसमें उत्तर प्रदेश प्रथम फाउंडेशन की स्टेट हेड नुजहत मलिक,पूर्व निदेशक एससीईआरटी कर्नाटक बेलाशेट्टी, कर्नाटक के मंजूनाथ प्रथम फाउंडेशन के कोऑर्डिनेटर,आंध्र प्रदेश के कोऑर्डिनेटर रामबाबू ,प्रथम इंटरनेशनल के कोऑर्डिनेटर विकास वर्मा प्रथम इंटरनेशनल के कोऑर्डिनेटर इंद्रेश तसलानिया, गुजरात से तथा जनपद अयोध्या के एसआरजी डॉक्टर अंबिकेश त्रिपाठी सम्मिलित रहे।जांबिया में पहुंचे भारतीय डेलिगेशन ने सबसे पहले जांबिया के शिक्षा मंत्रालय के परमानेंट सेक्रेटरी डॉक्टर केल्विन माँबवे से मुलाकात की। परमानेंट सेक्रेटरी डॉ केल्विन माँबवे, वी वी ओ बी फाउंडेशन और टी ए आर एल अफ्रीका के साथ प्रथम फाउंडेशन के मध्य संपन्न हुई बैठक में जांबिया के विभिन्न प्रोविंस में चलाए जा रहे कैच अप प्रोग्राम तथा टी ए आर एल अफ्रीका कार्यक्रम के बारे में गहनता से चर्चा की गई । परमानेंट सेक्रेटरी डॉक्टर केल्विन माँबवे ने भारतीय डेलिगेशन का स्वागत किया और उन्होंने भारतीय डेलिगेशन को प्राथमिक विद्यालयों में चलाए जा रहे कैच अप प्रोग्राम की जानकारी प्रदान की।भारतीय डेलिगेशन ने जांबिया के चार प्राथमिक विद्यालयों का पर्यवेक्षण किया जिसमें डेलिगेशन ने पाया कि सभी विद्यालयों में केचप प्रोग्राम सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है जिससे बच्चे कक्षा 3, कक्षा 4 और कक्षा 5 के बच्चे बुनियादी भाषा और अंक गणित में अपेक्षित दक्षता प्राप्त कर सकें । जिसके लिए शिक्षक द्वारा पूर्व से ही पाठ योजना का निर्माण और पाठ योजना के अनुसार ही टीएलएम का उपयोग करते हुए गतिविधि आधारित शिक्षण कार्य विद्यालयों में कराए जाने का पर्यवेक्षण किया गया।पर्यवेक्षण के दौरान भारतीय डेलिगेशन ने बहुत ही सूक्ष्म अवलोकन करते हुए कैच अप प्रोग्राम को बारीकी से देखा और अध्यापकों की सराहना की।भारतीय डेलिगेशन ने जांबिया में प्राथमिक विद्यालय में संचालित हो रहे कैच अप प्रोग्राम में कुछ बिंदुओं पर अपने सुझाव भी दिए जैसे की गतिविधि छोटे समूह में करने के उपरांत यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक बच्चे के द्वारा सीखने की दक्षता प्राप्त कर ली गई है।परमानेंट सेक्रेटरी डॉ केल्विन माँबवे, शिक्षा मंत्रालय जांबिया द्वारा सभी के प्रति आभार प्रकट किया गया । 7 दिनों के प्रवास के दौरान भारतीय डेलिगेशन ने लुसाका प्रोविंस और लिविंगस्टोन प्रोविंस के विद्यालयों का पर्यवेक्षण किया।

