जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के पदों पर एनरोलमेंट-2025 की लिखित परीक्षा की तैयारियों के संबंध में बैठक आयोजित की गई।

जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के पदों पर एनरोलमेंट-2025 की लिखित परीक्षा की तैयारियों के संबंध में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में परीक्षा के सम्बन्ध में कार्यशाला आयोजित की गई तथा परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गई।
लिखित परीक्षा 25 अप्रैल 2026, 26 अप्रैल 2026 एवं 27 अप्रैल 2026 को प्रत्येक दिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली प्रातः 10ः00 बजे से 12ः00 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 03ः00 बजे से सायं 05ः00 बजे तक संपन्न होगी। जनपद में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रति पाली में 8400 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे।
प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं जोनल मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, जिससे परीक्षा की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके। साथ ही केंद्र व्यवस्थापकों, सहायक केंद्र व्यवस्थापकों एवं परीक्षा सहायकों की भी नियुक्ति कर दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है। बैठक के दौरान गोपनीय सामग्री के परिवहन आदि के संबंध में सावधानियां, बायोमेट्रिक विधि, अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग, विभिन्न प्रपत्र इत्यादि के संबंध में जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी समय से अपनी ड्यूटी पर उपस्थित रहें तथा परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न कराएं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि कक्ष निरीक्षक अभ्यर्थियों से यह सुनिश्चित कर लेंगे कि दी गई ओएमआर तथा प्रश्नपत्र का क्रमांक एक ही हो। परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के प्रयोग पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानंद झा, सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण सहित अन्य उपस्थित रहे।
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जौनपुर 21 अप्रैल 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-05

जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बन्धु एवं जिला निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक में जनपद में औद्योगिक विकास, स्वरोजगार सृजन एवं विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के प्रारंभ में पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की गई तथा उसके अनुपालन की समीक्षा की गई। इसके उपरांत मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत बैंक शाखाओं द्वारा माह अप्रैल 2026 तक किए गए ऋण वितरण की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जनपद ने लक्ष्य के सापेक्ष बेहतर प्रगति की है।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण परीक्षण कर उन्हें शीघ्र स्वीकृत करते हुए अधिकाधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत भी ऋण वितरण की समीक्षा की गई। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर उन्हें बैंकों को प्रेषित किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण, पारदर्शिता बनाए रखने तथा पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने उद्यमियों की समस्याओं को सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश दिए।
औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर देते हुए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना, सीवरेज एवं ड्रेनेज व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा इंटरलॉकिंग एवं अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि चिन्हित स्थलों पर शीघ्र कार्य प्रारंभ कर समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाए।
सीडा (औद्योगिक क्षेत्र) में आवासीय क्षेत्र के विकास एवं अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों में तेजी लाते हुए गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
विद्युत विभाग से संबंधित समस्याओं पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खण्ड द्वारा अवगत कराया गया कि औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति सुचारु रूप से की जा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि केवल आंकड़ों के आधार पर नहीं बल्कि वास्तविक स्थिति का आकलन करते हुए उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
इसके अतिरिक्त औद्योगिक इकाइयों से संबंधित विभिन्न प्रकरणों पर भी चर्चा की गई तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में उद्योगों के विकास हेतु सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें, ताकि निवेश को प्रोत्साहन मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 परमानंद झा, संबंधित विभागों के अधिकारीगण, बैंक प्रतिनिधि एवं उद्यमी उपस्थित रहे।
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