जौनपुर में दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड पर धरना जारी
सपा नेता बोले- जाति देखकर एनकाउंटर, आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण
जौनपुर ,24 जून ।कलेक्ट्रेट परिसर में दूल्हा आजाद बिंद की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर सौम्या बिंद का धरना सातवें दिन भी जारी रहा। बुधवार को समाजवादी पार्टी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लौटन राम निषाद ने धरने का समर्थन किया।
पत्रकारों से बात करते हुए निषाद ने आरोप लगाया कि आजाद बिंद को भोले राजभर ने गाड़ी ओवरटेक कर गोली मारी थी। उन्होंने बताया कि भोले राजभर, प्रदीप बिंद और रवि यादव सहित अन्य आरोपियों को एक बड़े नेता के घर से उठाया गया था। बाद में भोले राजभर और प्रदीप बिंद को छोड़ दिया गया, जबकि रवि यादव का एनकाउंटर कर दिया गया।
निषाद ने उत्तर प्रदेश सरकार पर जाति और धर्म देखकर एनकाउंटर तथा बुलडोजर की कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि अपराधी ओबीसी, एससी या एसटी वर्ग से है, तो उसे कमर के ऊपर गोली मारी जाती है, जबकि उच्च जाति के अपराधियों को कमर के नीचे गोली मारकर ‘हाफ एनकाउंटर’ कर लंगड़ा बना दिया जाता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘अपराधियों को मिट्टी में मिला देने’ के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आए दिन हो रही घटनाएं कौन से अपराधी कर रहे हैं।
निषाद ने यह भी दावा किया कि मृतक की बहन सौम्या बिंद ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की थी, जिसके बाद अखिलेश यादव ने डीजीपी से बात की और कार्रवाई का आश्वासन मिला। इसके चार घंटे बाद ही रवि यादव का एनकाउंटर कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भोले राजभर और प्रदीप बिंद को उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोगी दलों, संजय निषाद और ओमप्रकाश राजभर का संरक्षण प्राप्त है।
निषाद के अनुसार, उन्हें लखनऊ में जानकारी मिली कि भोले राजभर और शोले राजभर तीन दिनों तक ओमप्रकाश राजभर के सरकारी आवास पर रुके थे, जबकि प्रदीप बिंद संजय निषाद के आवास पर था। जब यह मामला तूल पकड़ने लगा, तो उन्हें कहीं और स्थानांतरित कर दिया गया।

