डीएम की अध्यक्षता में जिला ओटीडी सेल की प्रथम त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित

डीएम की अध्यक्षता में जिला ओटीडी सेल की प्रथम त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित

जौनपुर 04 अगस्त, – जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला ओटीडी सेल की प्रथम त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जनपद के सकल जिला घरेलू उत्पाद से संबंधित विभिन्न विभागों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे आंकड़ों एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान कृषि, उद्योग, व्यापार, पर्यटन, परिवहन, ऊर्जा, निर्माण, बैंकिंग, वित्तीय सेवायें तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों से जुड़े विभागों को निर्धारित प्रारूप के अनुसार समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के आर्थिक विकास का सही आकलन तभी संभव है, जब सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित सूचनाओं एवं आंकड़ों को पूर्ण पारदर्शिता, शुद्धता एवं समयबद्धता के साथ उपलब्ध कराएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आंकड़ों के संकलन में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे तथा विभागीय समन्वय के माध्यम से सभी सूचनाएं निर्धारित समयावधि में जिला अर्थ और संख्या अधिकारी,कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएं।

बैठक में प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत कृषि, पशुपालन, मत्स्य, उद्यान एवं वानिकी विभाग की प्रगति की समीक्षा की गई। खाद्यान्न, दलहन, तिलहन, गन्ना, फल, सब्जी, मसाला एवं पुष्प उत्पादन के साथ-साथ दुग्ध, मांस, अंडा, मत्स्य एवं टिम्बर उत्पादन से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को वास्तविक प्रगति के अनुरूप डेटा अद्यतन करने के निर्देश दिए गए।

द्वितीयक क्षेत्र की समीक्षा के दौरान उन्होंने उद्योग, श्रम, विद्युत, जलापूर्ति एवं निर्माण कार्यों से संबंधित प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। कारखाना अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत इकाइयों, एमएसएमई, जीएसटी संग्रह, औद्योगिक गतिविधियों तथा स्थानीय निकायों के राजस्व संबंधी आंकड़ों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सभी आंकड़े अद्यतन एवं प्रमाणिक हों।

तृतीयक क्षेत्र के अंतर्गत व्यापार, पर्यटन, होटल, परिवहन, वित्तीय सेवाएं, बैंकिंग, पंजीकृत वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, जीएसटी संग्रह, पर्यटकों की संख्या, बस परमिट, वाणिज्यिक वाहनों, बैंक ऋण एवं जमा राशि सहित विभिन्न आर्थिक संकेतकों की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि इन सूचनाओं के आधार पर जनपद की आर्थिक गतिविधियों का समुचित मूल्यांकन किया जाता है, इसलिए सभी विभाग नियमित रूप से आंकड़ों का सत्यापन करते हुए समय से उपलब्ध कराएं।

बैठक में जनपद के सकल जिला घरेलू उत्पाद सहित अन्य संबंधित उपलब्ध आंकड़ों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि भविष्य की योजनाओं एवं विकास कार्यों के लिए आर्थिक संकेतकों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाए तथा डेटा की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि ओटीडी सेल से संबंधित सूचनाओं का संकलन नियमित रूप से किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लंबित सूचना को तत्काल उपलब्ध कराया जाए, जिससे जनपद के आर्थिक विकास का यथार्थ एवं अद्यतन आकलन समय पर शासन को प्रेषित किया जा सके।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) परमानंद झा, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ अरुण कुमार यादव, सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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