
दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका दायर होने के बाद केंद्र को नोटिस जारी किया है। उच्च न्यायालय ने हाल ही में घोषित आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) अधिनियम, 2022 के प्रावधानों की न्यायिक समीक्षा की मांग करते हुए एक याचिका दायर होने के बाद केंद्र से जवाब मांगा है। बता दें कि इस अधिनियम को लोकसभा में चार अप्रैल 2022 और राज्यसभा में छह अप्रैल 2022 को पारित किया गया था। राष्ट्रपति की सहमति के बाद 18 अप्रैल 2022 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया। दिल्ली के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी ने न्यायमूर्ति नवीन चावला के साथ गृह मंत्रालय और कानून और न्याय मंत्रालय के माध्यम से भारत संघ को नोटिस जारी करते हुए कहा कि इस पर विचार करने की आवश्यकता है।

