संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी, जांच में जुटी पुलिस
बाराबंकी। बदोसराय कोतवाली क्षेत्र के राजापुर गांव में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब दो दिन से लापता भाजपा के पूर्व बूथ अध्यक्ष का शव गांव के बाहर स्थित तालाब में उतराता मिला। शव मिलने की सूचना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। मृतक की पहचान राजापुर निवासी इंद्र प्रसाद वर्मा (करीब 50 वर्ष) के रूप में हुई है। वह भारतीय जनता पार्टी के पूर्व बूथ अध्यक्ष बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इंद्र प्रसाद वर्मा पिछले करीब दो दिनों से लापता थे। बताया जा रहा है कि वह शराब के नशे के आदी थे और दो दिन पहले नशे की हालत में परिजनों से उनकी कहासुनी हुई थी। इसके बाद वह घर से चले गए और वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उनकी तलाश रिश्तेदारों और आसपास के संभावित स्थानों पर की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। हालांकि, परिजनों की ओर से इस संबंध में पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी। सोमवार सुबह गांव के बाहर स्थित तालाब की ओर गए ग्रामीणों ने पानी में एक व्यक्ति का शव उतराता देखा। शव की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना मृतक के परिजनों को दी। इसके बाद पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही बदोसराय कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को तालाब से बाहर निकलवाकर कब्जे में लिया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना को लेकर फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। बदोसराय कोतवाली प्रभारी राम अवतार सरोज ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इंद्र प्रसाद वर्मा की मौत के सही कारण का पता चल सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि इंद्र प्रसाद वर्मा की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था। इसके बाद वह अपने परिवार में दो पुत्रों और एक विवाहित पुत्री के साथ रह रहे थे। पूर्व बूथ अध्यक्ष का शव इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में तालाब से मिलने के बाद परिवार में मातम पसरा है। वहीं गांव में भी घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला जज के निर्देशन में बंदियों को दी गई कानूनी जानकारी
महिला सशक्तिकरण एवं विधिक अधिकारों पर जागरूकता शिविर आयोजित
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष व जिला जज प्रतिमा श्रीवास्तव के निर्देशन में रविवार को विकासखंड देवा में महिलाओं के सशक्तिकरण तथा उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में सचिव उज्ज्वल उपाध्याय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। शिविर को संबोधित करते हुए सचिव उज्ज्वल उपाध्याय ने कहा कि महिलाओं को अपने कानूनी अधिकारों, संवैधानिक संरक्षण एवं शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कई बार महिलाएं अपने अधिकारों का लाभ नहीं उठा पाती हैं और शोषण का शिकार हो जाती हैं। इसलिए प्रत्येक महिला को अपने अधिकारों के प्रति सजग और जागरूक होना चाहिए। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं जागरूक बनने के साथ-साथ अपने परिवार एवं समाज की अन्य महिलाओं को भी कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दें। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि आर्थिक स्थिति न्याय पाने में बाधा न बने। श्री उपाध्याय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता नहीं है, बल्कि महिलाओं को उनके अधिकारों, कानूनों और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की जानकारी देकर उन्हें सामाजिक रूप से सशक्त बनाना भी है। उन्होंने महिलाओं को घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, बाल विवाह और अन्य सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध कानूनी उपायों की जानकारी दी। शिविर में जिला प्रोबेशन अधिकारी सूरज सिंह, खंड विकास अधिकारी नेहा, बाल विकास परियोजना अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों एवं पीएलवी सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अधिकारियों ने उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं महिलाओं को महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा अधिनियम, दहेज निषेध कानून, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम तथा महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान महिलाओं को हेल्पलाइन नंबरों, शिकायत निवारण तंत्र एवं कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी अवगत कराया गया। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए ऐसे शिविरों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। इधर, जिला कारागार में भी बंदियों के अधिकारों एवं विधिक सहायता संबंधी एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बंदियों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, अधिवक्ता की सुविधा तथा न्याय प्राप्ति के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सचिव उज्ज्वल उपाध्याय ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून की नजर में सभी व्यक्ति समान हैं और किसी भी व्यक्ति को केवल आर्थिक अभाव के कारण न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रत्येक पात्र व्यक्ति को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बंदियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा उपलब्ध विधिक सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जेलर आरती पटेल, डिप्टी जेलर अनिल कुमार सिंह सहित कारागार प्रशासन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से महिलाओं एवं बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।

