(नईदिल्ली)प्रधानमंत्री ने उत्तम संगति और बुद्धिमत्तापूर्ण परामर्श के महत्व पर साझा किया संस्कृत सुभाषित
नई दिल्ली, 25 अगस्त(आरएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तम संगति, विवेकपूर्ण परामर्श और सच्ची मित्रता के महत्व को रेखांकित करने वाला एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। उन्होंने इस सुभाषित के माध्यम से बताया कि जीवन में सही लोगों का साथ, सकारात्मक विचार-विमर्श और निस्वार्थ मित्रता व्यक्ति को सही दिशा प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री ने सामाजिक माध्यम ‘एक्सÓ पर यह संस्कृत सुभाषित साझा किया—
उत्तमै: सह साङ्गत्यं पण्डितै: सह सत्कथाम्।
अलुब्धै: सह मित्रत्वं कुर्वाणो नावसीदति॥
इस सुभाषित में कहा गया है कि जो व्यक्ति श्रेष्ठ लोगों की संगति करता है, विद्वानों के साथ सद्विचारों पर चर्चा करता है और लोभ रहित लोगों से मित्रता रखता है, वह जीवन में कभी निराश या पतित नहीं होता।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए इस सुभाषित में उत्तम संगति के महत्व पर विशेष बल दिया गया है। जीवन में व्यक्ति जिन लोगों के साथ रहता और विचार-विमर्श करता है, उनका उसके विचारों, व्यवहार और व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव पड़ता है। श्रेष्ठ और सकारात्मक लोगों की संगति व्यक्ति को सही मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।
सुभाषित में विद्वानों के साथ सद्विचारों पर चर्चा करने की बात कही गई है। इसका भाव है कि ज्ञानवान और विवेकशील लोगों के साथ संवाद व्यक्ति की सोच को व्यापक बनाता है तथा उसे सही निर्णय लेने में सहायता करता है। सकारात्मक और बुद्धिमत्तापूर्ण विचार-विमर्श जीवन की चुनौतियों का संतुलित ढंग से सामना करने की क्षमता भी बढ़ाता है।
सुभाषित में लोभ रहित लोगों से मित्रता करने का संदेश भी दिया गया है। ऐसी मित्रता स्वार्थ से मुक्त होती है और कठिन समय में व्यक्ति को भावनात्मक तथा नैतिक संबल प्रदान करती है। निस्वार्थ मित्रता जीवन में विश्वास, शांति और संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया यह संस्कृत सुभाषित भारतीय ज्ञान परंपरा में वर्णित उन जीवन-मूल्यों को सामने लाता है, जो व्यक्ति को श्रेष्ठ संगति अपनाने, विवेकपूर्ण संवाद करने और सच्ची मित्रता निभाने की प्रेरणा देते हैं।
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