(नईदिल्ली)भारत-चीन सीमा विवाद पर वार्ता आगे बढ़ाने पर सहमति, 8 बिंदुओं पर बनी सहमति
नई दिल्ली,27 अगस्त (आरएनएस)। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इस दौरान भारत और चीन के बीच सीमा विवाद समेत द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों देशों ने सीमा विवाद के समाधान की दिशा में वार्ता को आगे बढ़ाने और जल्द तथा ठोस परिणाम हासिल करने पर सहमति जताई।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमा मुद्दे के समाधान के लिए वर्ष 2005 में हुए समझौते तथा विशेष प्रतिनिधियों की वार्ताओं के दौरान बनी सहमति के अनुरूप बातचीत आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
दोनों देशों ने सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय के लिए कार्य तंत्र के तहत सीमा निर्धारण संबंधी विशेषज्ञ समूह को सीमा निर्धारण और सीमा प्रबंधन के मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इसका उद्देश्य सीमा निर्धारण के संबंध में जल्द और ठोस नतीजे हासिल करना है।
बैठक में दोनों पक्षों के बीच आठ प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी। इनमें सीमा निर्धारण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना, सीमा प्रबंधन को मजबूत करना और दोनों देशों के बीच संपर्क एवं सहयोग बढ़ाना शामिल है।
संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए हैं कि सीमा पर जमीनी स्तर पर उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति से मौजूदा राजनयिक और सैन्य माध्यमों के जरिए तत्काल निपटा जाएगा। दोनों देशों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
दोनों पक्षों ने सीमा विवाद के समाधान के लिए वर्ष 2005 में हुए समझौते में निर्धारित राजनीतिक मापदंडों और मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा उसके बाद विशेष प्रतिनिधियों की वार्ताओं में बनी सहमति के आधार पर समाधान की रूपरेखा तैयार करने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
भारत ने चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए भारतीय तीर्थयात्रियों के जत्थों की संख्या बढ़ाने के लिए चीन की ओर से किए गए प्रयासों की सराहना की।
दोनों पक्षों ने तीन सीमा व्यापार केंद्रों को फिर से खोले जाने का भी स्वागत किया। दोनों देशों ने सीमा व्यापार, तीर्थयात्रा और अन्य क्षेत्रों में आदान-प्रदान एवं सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में संवाद, शांति, परामर्श और सहयोग का अनुकूल माहौल तैयार करना है।
भारत और चीन के बीच विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता का 26वां दौर वर्ष 2027 में भारत में आयोजित किया जाएगा। दोनों पक्षों ने सीमा विवाद के समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए नियमित संवाद जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अगले महीने भारत आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में अजित डोभाल और वांग यी के बीच हुई यह वार्ता भारत-चीन संबंधों में सीमा विवाद के समाधान तथा द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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