फर्जी आयकर अधिकारी बनकर लूट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, होमगार्ड समेत चार गिरफ्तार

फर्जी आयकर अधिकारी बनकर लूट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, होमगार्ड समेत चार गिरफ्तार

UPSC की तैयारी कर रहा युवक भी निकला आरोपी, व्यापारी की लाइसेंसी रिवॉल्वर व फर्जी आईडी कार्ड बरामद

जौनपुर,20 जुलाई। यूपी के जौनपुर में पुलिस ने फर्जी आयकर अधिकारी बनकर व्यापारियों को निशाना बनाने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सोमवार शाम मामले का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से व्यापारी की लाइसेंसी रिवॉल्वर, घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन, बड़ी संख्या में फर्जी आयकर विभाग के पहचान पत्र तथा अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले में एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
एसपी ग्रामीण ने बताया कि गिरोह के सदस्य स्वयं को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर व्यापारियों की दुकानों पर फर्जी छापेमारी करते थे। छापे का भय दिखाकर व्यापारी को डराते और फिर नकदी व कीमती सामान लूटने का प्रयास करते थे। रविवार को रामपुर थाना क्षेत्र में सर्राफा व्यापारी बरनवाल की दुकान पर भी इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने व्यापारी की लाइसेंसी रिवॉल्वर भी जबरन अपने कब्जे में ले ली थी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में जलालपुर निवासी रोशन तिवारी शामिल है, जो घर पर रहकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रहा था। दूसरा आरोपी मुंगराबादशाहपुर निवासी अजय पटेल है, जो चालक का कार्य करता है। तीसरा आरोपी दिलीप कुमार मूल रूप से वाराणसी का निवासी है और वर्तमान में मुंगराबादशाहपुर में किराए पर रहकर ‘माँ अम्बे होंडा मोटर्स’ में कार्यरत है। चौथा आरोपी सिकरारा निवासी राजेश कुमार उपाध्याय है, जो जौनपुर पुलिस की पीआरवी-8545 पर होमगार्ड के पद पर तैनात है। वहीं सिकरारा निवासी जितेंद्र सिंह फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 30 से 35 फर्जी आयकर विभाग के पहचान पत्र, बड़ी संख्या में फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किए हैं। घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन भी कब्जे में ले लिया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वाहन सूर्य प्रकाश पटेल का है, जिसे तीसरे व्यक्ति के माध्यम से किराए पर लिया गया था।
पुलिस को आशंका है कि गिरोह पहले भी इसी तरह की कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके संभावित नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। थाना रामपुर में सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश जारी है।
जौनपुर पुलिस ने व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं को किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर जांच या छापेमारी करने पहुंचे तो उसकी पहचान और अधिकृत दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

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