बीबीएयू में हिंदी में रोजगार के विविध अवसरों पर व्याख्यान आयोजित

बीबीएयू में हिंदी में रोजगार के विविध अवसरों पर व्याख्यान आयोजित
लखनऊ(आरएनएस )। बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में 22 सितंबर को राजभाषा हिंदी उत्सव-2026 के अंतर्गत हिंदी प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय हिंदी कार्यशाला में ‘हिंदी में रोजगार के विविध अवसर, संभावनाएं एवं चुनौतियां’ विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. हरीश कुमार शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर डॉ. बलजीत कुमार श्रीवास्तव और डॉ. संध्या दीक्षित भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत आयोजन समिति की ओर से मुख्य वक्ता को अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत के साथ हुई।प्रो. हरीश कुमार शर्मा ने हिंदी भाषा के माध्यम से उपलब्ध रोजगार के अवसरों, भाषा कौशल और रोजगार से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा और डिग्री के साथ कौशल विकास, निरंतर प्रयास और सही दिशा में कार्य करना भी आवश्यक है। उन्होंने साहित्यिक और पौराणिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया कि रोजगार और जीवन संघर्ष की चुनौतियां नई नहीं हैं। प्रेमचंद, यशपाल, द्रोणाचार्य और कर्ण के उदाहरण देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से कठिन परिस्थितियों को चुनौती के रूप में स्वीकार करने और अपनी योग्यता व प्रतिभा को अवसर में बदलने का आह्वान किया।प्रो. शर्मा ने हिंदी के साथ भारतीय भाषाओं और बहुभाषिकता के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि टेलीविजन, सिनेमा, पर्यटन, रोजगार और डिजिटल माध्यमों ने हिंदी को हिंदीतर क्षेत्रों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने विद्यार्थियों को अन्य भारतीय भाषाओं के सामान्य शब्दों और अभिव्यक्तियों को सीखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि भाषा केवल संचार का माध्यम नहीं है, बल्कि सामाजिक संबंधों और आत्मीयता को मजबूत करने का साधन भी है। उन्होंने अंग्रेजी सहित सभी भाषाओं के प्रति सम्मान की दृष्टि विकसित करने तथा हिंदी को रोजगार, सृजन, संचार और व्यावसायिक विकास के माध्यम के रूप में अपनाने का आह्वान किया।कार्यक्रम के अंत में डॉ. बलजीत कुमार श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, गैर-शिक्षण अधिकारी एवं कर्मचारी, शोधार्थी तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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