रुदौली-अयोध्या। जब किसी धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन होता है तो उसके आयोजक बृजकिशोर मिश्र होते हैं, लेकिन यहां के तमाम छुटभैय्ए पंडित भी खुद को मुख्य पुजारी घोषित करते है।
जनपद के रुदौली तहसील के सुनबा गांव में आदिगंगा गोमती तट पर स्थित बिख्यात मां कामाख्या धाम परिसर में आज से शारदीय नवरात्रि का मेला आरंभ हो चुका है यह मेला नवरात्रि भर चलता रहेगा यहां भक्तों की भारी भीड़ रहा करती है सुरक्षा ब्यवस्था के मद्देनजर मेला प्रबंध कमेटी के अनुरोध पर शासन प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहती है।
मेला परिसर के कथा स्थल पर आज दोपहर से संगीतमई श्रीराम कथा कार्यक्रम भी होगा मां कामाख्या देवी मंदिर के मुख्य पुजारी बृजकिशोर मिश्र ने बताया कि कथा ब्यास माताफेर तिवारी जी जी के श्रीमुख से भक्तजन कथा का रसपान करेंगे कथा कार्यक्रम दोपहर 2.30 बजे शांय 5.30 बजे तक होगा।सात दिवसीय कथा कार्यक्रम उसके बाद गुरुवार 14 अक्टूबर को पूर्णाहुति होगी। वैसे एक बात समझ में नहीं आई की जब भी कोई धार्मिक कार्यक्रम होता है तो उसके कर्ता धर्ता पंडित बृजकिशोर मिश्र होते हैं, सीताराम नाम का जप यहां अखंड रूप से चल रहा है उसके भी आयोजक पंडित बृजकिशोर मिश्र ही हैं।जो भी पुण्य कार्य होता है वह बृजकिशोर मिश्र के द्वारा होता है लेकिन यहां कुछ छुटभैय्ए पंडित बैठे जो सब अपने आप को मुख्य पुजारी ही बताते हैं और ऐसी भेष-भूषा में रहते हैं की भक्तजन भी कुछ जान ही नहीं पाते। कुल मिलाकर गहराई से देखा जाए तो यहां भी ठगों की भरमार होने लगी है। बताते हैं कि मां कामाख्या देवी मंदिर के हिस्सेदारी का मामला कमेटी व अन्य पुजारियों के बाराबंकी न्यायालय में विचाराधीन है, और कमेटी ने करीब 20 वर्ष पूर्व पंडित बृजकिशोर मिश्र को मां के मंदिर का पुजारी नियुक्त किया है तो मुख्य पुजारी तो हुआ जिसकी नियुक्ति कमेटी ने की है यदि कल कोई मामला फंसे तो आजके अंचलाधारी पुजारी क्या जवाब देंगे शायद इस बारे में उन लोगों ने कभी कुछ नहीं सोचा।

