मछली विवाद को लेकर कांग्रेस नेताओं का पलटवार -बोले- निषाद समाज का पारंपरिक भोजन है मछली

मछली विवाद को लेकर कांग्रेस नेताओं का पलटवार
-बोले- निषाद समाज का पारंपरिक भोजन है मछली
मिल्कीपुर-अयोध्या। अयोध्या में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को लेकर उठे मछली विवाद पर कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को भाजपा और मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं सूचना का अधिकार (आरटीआई) कांग्रेस से जुड़े अम्बरीष पाण्डेय और संजय तिवारी ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि अजय राय को जबरन इस मामले में घसीटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार झूठे आरोपों के सहारे राजनीति कर रही है।
अम्बरीष पाण्डेय ने कुमारगंज में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि बीते 23 अगस्त को गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र के तारुन बाजार में राम निहाल निषाद द्वारा निषाद समाज का सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। उनके साथ प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम भी मौजूद रहे। पाण्डेय ने कहा कि सम्मेलन समाप्त होने के बाद सभी नेता वहां से चले आए थे। उन्होंने दावा किया कि अजय राय ने कार्यक्रम में मछली का सेवन नहीं किया। वह स्वयं प्रदेश अध्यक्ष के साथ मौजूद थे। उनके अनुसार अजय राय ने केवल श्याम दरबार में नाश्ता किया था, जबकि कांग्रेस प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कुमारगंज स्थित एक रेस्टोरेंट में भोजन किया था। सम्मेलन समाप्त होने के बाद वहां मौजूद लोग क्या खाते हैं, इससे कांग्रेस पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। कांग्रेस नेता संजय तिवारी ने कहा कि निषाद समाज में मछली पारंपरिक और प्रमुख भोजन माना जाता है। ऐसे में समाज के पारंपरिक भोजन को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या मछली खाने का अधिकार केवल भाजपा नेताओं को है? क्या भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मनोज तिवारी और रवि किशन ही मछली खा सकते हैं? गरीब और आम आदमी मछली क्यों नहीं खा सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि खान-पान को लेकर राजनीति करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निषाद सम्मेलन सामाजिक कार्यक्रम था, जिसे अब राजनीतिक विवाद का रूप दिया जा रहा है। गौरतलब है कि 23 अगस्त को अजय राय और राजेंद्र पाल गौतम अयोध्या पहुंचे थे। हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद दोनों नेता तारुन बाजार में आयोजित निषाद सम्मेलन में शामिल हुए थे। इसके बाद मछली भोज को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई। कांग्रेस नेताओं ने अब सफाई देते हुए आरोपों को खारिज किया है। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है।

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