माहवारी कोई पाप नहीं!
पूजा बिष्ट
गांव- पोथिंग, उत्तराखंड
खुशी का पल आया है आज,
और हम भी खुश हैं आज,
कुछ लोग समझते हैं हमें आज,
माहवारी को कोई तो समझता है,
जो समझ न पाते लड़की की जरुरत,
वो सोच से पिछड़े हैं आज,
उन्हें पता नहीं बिन लड़की के न संतान,
जो माहवारी को श्राप समझते हैं,
वो इसका मूल्य नहीं समझते हैं,
समझो कि माहवारी श्राप नहीं वरदान है,
इससे ही स्त्री की असली पहचान है।।
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