रंगमहल पीठाधीश्वर महंत रामशरण दास समेत तीन प्रमुख संतों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व देने की मांग

*रंगमहल पीठाधीश्वर महंत रामशरण दास समेत तीन प्रमुख संतों को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व देने की मांग*

* सनातन रक्षक संघ ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा पत्र, कारसेवक परिवारों को भी ट्रस्ट में स्थान देने का किया आग्रह
डी के यू लाइव चैनल ब्यूरो चीफ सुरेन्द्र कुमार
अयोध्या।
सनातन रक्षक संघ ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में अयोध्या के संत समाज को प्रतिनिधित्व देने की मांग की है। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी (प्रद्युम्न) की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन और मंदिर निर्माण में अयोध्या के संतों एवं कारसेवकों का योगदान ऐतिहासिक रहा है, इसलिए उन्हें ट्रस्ट में सम्मानजनक स्थान मिलना चाहिए।
पत्र में रंगमहल पीठाधीश्वर महंत रामशरण दास जी महाराज का नाम प्रमुखता से रखते हुए उन्हें ट्रस्ट का सदस्य बनाए जाने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि महंत रामशरण दास अयोध्या के संत समाज के वरिष्ठ, सरल एवं सम्मानित संत हैं और उन्होंने धर्म, समाज सेवा तथा सनातन परंपरा के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है इसके साथ ही महंत वासुदेवाचार्य स्वामी विद्या भास्कर जी महाराज को भी ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व देने का अनुरोध किया गया है। पत्र में उन्हें वेद, शास्त्र एवं धर्मग्रंथों के विद्वान संत बताते हुए सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान का उल्लेख किया गया है इसके अलावा महंत राजकुमार दास जी महाराज का नाम भी प्रमुखता से शामिल करते हुए उन्हें ट्रस्ट में स्थान दिए जाने की मांग की गई है। पत्र में कहा गया है कि उन्होंने धर्म, समाज सेवा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं सनातन रक्षक संघ ने अपने पत्र में यह भी मांग की है कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कम से कम तीन कारसेवक परिवारों को भी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व दिया जाए, ताकि उनके त्याग, संघर्ष और समर्पण का सम्मान हो सके। संघ ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से इस मांग पर सकारात्मक विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

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