राज्य सूचना आयोग ने तहसीलदार मछलीशहर पर शिकायतकर्ता को समय पर सूचना न देने पर 25000 रुपए का लगाया अर्थदंड

मीरगंज जौनपुर मछ्लीशहर क्षेत्र के ग्राम बिलारा (भिदूना )थाना मीरगंज जौनपुर के मूल निवासी अजय कुमार यादव ने आरटीआई के तहत जमीन से संबंधित कुछ बिन्दुओं पर तहसीलदार मछली शहर से जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना की मांग किया था जिस पर तहसीलदार मछलीशहर द्वारा ससमय पर सूचनाकर्ता को सूचना उपलब्ध नहीं कराया गया तो शिकायतकर्ता द्वारा राज्य सूचना आयोग में शिकायत किया तो लोक सूचना आयुक्त श्री अजय उप्रेती जी ने यह आदेश पारित किया कि विपक्षी जनसूचना अधिकारी श्री सुदर्शन राम तहसीलदार मछ्लीशहर शिकायतकर्ता को वांछित सूचना ससमय न उपलब्ध कराए जाने के क्रम मे आयोग के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें फिर भी जन सूचना अधिकारी द्वारा न तो शिकायतकर्ता को ससमय सूचना उपलब्ध कराई गई और नहीं आयोग द्वारा अवसर दिए जाने के बावजूद सुनवाई तिथि पर आयोग के समक्ष कोई विलंब का स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया स्पष्ट है कि विपक्षी आयोग के आदेशों व सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रति गंभीर नहीं है इस प्रकार की अपेक्षा एक लोक प्राधिकारी जो लोक कर्तव्यों के निर्वहन हेतु नियुक्ति/पदासीन है उससे यह अपेक्षा संभव नहीं है ऐसे में जन सूचना अधिकारी श्री सुदर्शन राम तहसीलदार मछ्लीशहर जौनपुर पर शिकायतकर्ता को उसके मूल आवेदन के क्रम में साशय सूचनाएं न उपलब्ध कराने, आयोग के समक्ष शिकायत के क्रम में स्पष्टीकरण प्रस्तुत न करने का दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20 (1)के तहत 250 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से रुपए 25000 का अर्थदंड अधिरोपित करते हुए वसूली का आदेश पारित किया वहीं दूसरी तरफ शिकायतकर्ता अजय कुमार यादव का कहना है कि दो वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बाद अब आयोग द्वारा मुझे न्याय प्रदान किया गया ऐसे फैसले की मैं सराहना करता हूं और आयोग के इस तरह के आदेशों से विलंब से सूचना प्रदान करने वाले जन सूचना अधिकारियों को भी नसीहत मिलेगी और समय से सूचनाएं लोगों को उपलब्ध हो पाएगी।

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