रामकथा प्रवचन व सत्संग से फैलती है समाज में समरसता

रिपोर्ट-जनार्दन श्रीवास्तव
पाली-(हरदोई) क्षेत्र के गांव मलिकापुर में श्रीमद् भागवत ज्ञान व श्री राम कथा का आयोजन चल रहा है। जिसमें हजारों की संख्या में क्षेत्र के लोग पहुंचकर राम कथा का आनंद ले रहे हैं। आचार्य सत्यदेव महराज ने श्रोताओं को प्रहलाद का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि प्रहलाद के पिता हिरण्यकश्यप थे,जो कि नारायण भगवान के नाम पर विश्वास नहीं रखते थे, जो भी व्यक्ति नारायण भगवान का नाम लेता था उसे वह सजा देते थे। प्रहलाद की माता कयाधु नारायण भगवान पर बहुत ही विश्वास रखती थी। आचार्य ने बताया कि कयाधु ने अपने बेटे प्रहलाद को नारद जी के पास शिक्षा लेने के लिए भेजा वहां पर प्रहलाद नें भगवान विष्णु को अपना आराध्य मानकर उनकी पूजा करने लगे, और हिरण्यकश्यप जो कि राक्षस प्रवृत्ति का था। उसे नारायण पर विश्वास नहीं था, जो नारायण को अपना दुश्मन मानता था। अहंकारी भी था। भगवान विष्णु का जो व्यक्ति नाम लेता उसे वह सजा देता था। प्रहलाद नहीं मानता और वह नारायण नाम का जाप करता था। और लोगों को भी करवाता था। कथा समाप्त होने के बाद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

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