रायपुर) डॉ. रमन सिंह को महान क्रांतिकारी सुखदेव राज के प्रतिमा अनावरण समारोह का आमंत्रण ; दुर्ग में लगेगी प्रतिमा
० विधानसभा अध्यक्ष ने पेंशनर्स महासंघ के प्रतिनिधिमंडल का आमंत्रण स्वीकारा
रायपुर 12 अगस्त (आरएनएस)। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ के एक प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर में कल 11अगस्त को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की।
प्रांतीय अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव के नेतृत्व में आए महासंघ के प्रतिनिधियों ने उन्हें आगामी 24 अगस्त को दुर्ग में आयोजित होने वाले महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के साथी रहे स्वर्गीय सुखदेव राज की स्थापित प्रतिमा के अनावरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. रमन सिंह को समारोह की तैयारियों एवं आयोजन के उद्देश्य की जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ द्वारा सामाजिक सरोकारों के अंतर्गत महान स्वतंत्रता सेनानियों एवं क्रांतिकारियों की स्मृतियों को सम्मान देने का यह महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है। महान क्रांतिकारी सुखदेव राज ने अपने जीवन का अंतिम समय छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के ग्राम अण्डा में बिताया था। वे कुष्ठ पीड़ितों की भी सेवा करते थे।
डॉ. रमन सिंह ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा दिए गए आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार किया। उन्होंने महासंघ के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों एवं क्रांतिकारियों के योगदान को स्मरण करना और उनकी स्मृतियों को जीवंत रखना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ द्वारा पेंशनरों के हितों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्य किए जाने की प्रशंसा की।
महान क्रांतिकारी सुखदेव राज की स्मृति में दुर्ग में स्थापित की गई प्रतिमा का अनावरण समारोह 24 अगस्त को आयोजित किया जाएगा।
डॉ.रमन सिंह ने पेंशनर्स महासंघ द्वारा किए जाने वाले इस आयोजन को ऐतिहासिक और प्रेरणादायी बताते हुए युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति से परिचित कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
प्रतिनिधिमंडल में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बी.के. वर्मा, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे.पी. मिश्रा, प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी और प्रवीण कुमार त्रिवेदी, प्रदेश संगठन मंत्री टी.पी. सिंह, संभागीय अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, बी.एस. दसमेर, आर.के. दीक्षित, अनिल पाठक, सालिक वर्मा, दुर्ग, बंछोर सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. रमन सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि उनके मुख्य आतिथ्य में आयोजित होने वाला यह समारोह स्वर्गीय सुखदेव राज के राष्ट्र के प्रति योगदान को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ समाज में देशभक्ति एवं राष्ट्रसेवा की भावना को और मजबूत करेगा।
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(कोरबा) बालको के ‘मल्हार 4.0Ó में दिखी सृजनात्मकता, विरासत और बालकोनगर की खूबसूरती3
कोरबा 12 अगस्त (आरएनएस)। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा आयोजित दो दिवसीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी ‘मल्हार 4.0Ó का सफलतापूर्वक समापन हुआ। बालको टाउनशिप में आयोजित इस प्रदर्शनी में बालको परिवार की रचनात्मकता, बालकोनगर की खूबसूरती, प्रकृति के विविध रूपों और कंपनी की विरासत को तस्वीरों के माध्यम से जीवंत किया गया। प्रदर्शनी को कर्मचारियों, उनके परिवारजनों और स्कूली विद्यार्थियों सहित 2,000 से अधिक दर्शकों ने देखा।
मल्हार 4.0Ó में ‘मेघ मल्हारÓ, ‘बरखाÓ और ‘धराÓ तीन विषयों पर आधारित 280 से अधिक उत्कृष्ट छायाचित्र प्रदर्शित किए गए। इन तस्वीरों के माध्यम से प्रतिभागियों ने बादलों, बारिश, प्रकृति, धरती, जीवन और आसपास की दुनिया को अपने-अपने दृष्टिकोण से कैमरे में कैद किया। प्रत्येक तस्वीर ने एक अलग कहानी, भावना और दृष्टिकोण को सामने रखा।
समापन समारोह में बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश सिंह ने विजेताओं को सम्मानित किया। प्रदर्शनी में तीनों प्रतियोगी श्रेणियों में विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा विजेताओं का चयन किया गया। इसके साथ ही इस वर्ष ‘दर्शकों की पसंदÓ श्रेणी भी शामिल की गई, जिसमें प्रदर्शनी देखने आए प्रत्येक व्यक्ति को क्यूआर कोड के माध्यम से अपने पसंदीदा छायाचित्र के लिए मतदान करने का अवसर मिला।
सीईओ राजेश सिंह ने कहा, मल्हार में प्रदर्शित छायाचित्र बालको परिवार की रचनात्मकता और विविध दृष्टिकोणों का प्रतिबिंब हैं। हमारे कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता के साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना भी हमारी प्राथमिकता है। मल्हार ने उन्हें अपनी कल्पनाशीलता को अभिव्यक्त करने का मंच दिया है। हमारा प्रयास है कि इसे और व्यापक बनाते हुए अधिक प्रतिभाओं और हितधारकों को जोड़ा जाए, ताकि इन रचनात्मक दृष्टिकोणों को बड़े मंच पर साझा किया जा सके। बालको की कर्मचारी एवं प्रतिभागी मिथिला प्रधान ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से मल्हार में अपनी तस्वीरें साझा कर रही हैं। इस वर्ष उनके मित्रों ने भी इसमें भाग लिया, जिससे उनका अनुभव और भी विशेष हो गया। उन्होंने कहा कि अपनी तस्वीरों के साथ मित्रों की तस्वीरों को भी सुंदर तरीके से प्रदर्शित होते देखना उनके लिए बेहद आनंददायक अनुभव रहा।
प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण बालको की विरासत को दर्शाने वाला फोटो संग्रह रहा। इसमें वर्ष 1965 से बालको की विकास यात्रा को तस्वीरों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। साथ ही, फोटोग्राफी के बदलते दौर को दर्शाने के लिए कैमरों का विशेष संग्रह भी प्रदर्शित किया गया। पुराने क्लासिक कैमरों से लेकर आधुनिक डिजिटल कैमरों तक की इस यात्रा ने दर्शकों को तकनीक में आए बदलाव और फोटोग्राफी के विकास को करीब से समझने का अवसर दिया। ‘मल्हार 4.0Ó ने केवल एक फोटोग्राफी प्रदर्शनी के रूप में ही नहीं, बल्कि बालको परिवार की रचनात्मकता, संवेदनशीलता और विविध दृष्टिकोणों को साझा करने वाले मंच के रूप में अपनी पहचान बनाई।
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(कोरबा) ममतामयी मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर बालको में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने दी श्रद्धांजलि
कोरबा 12 अगस्त (आरएनएस)। मंगलवार को ममतामयी मिनीमाता जी की पुण्यतिथि के अवसर पर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी, बालको खंड (जिला-कोरबा) द्वारा बालको में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ममतामयी मिनीमाता जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। साथ ही जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री सुरेंद्र राठौर जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों ने ममतामयी मिनीमाता जी के सामाजिक योगदान, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक न्याय तथा समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के अधिकारों के लिए किए गए संघर्ष को स्मरण किया।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिलाध्यक्ष जैनेन्द्र कुर्रे ने कहा कि ममतामयी मिनीमाता जी छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति और सामाजिक चेतना की प्रतीक थीं। उन्होंने समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाया। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद करना तभी सार्थक होगा, जब हम उनके सामाजिक न्याय, समानता और जनसेवा के विचारों को आगे बढ़ाएं। छत्तीसगढ़िया समाज के अधिकार, सम्मान और अस्मिता की लड़ाई को मजबूत करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला महामंत्री राकेश सूर्यवंशी ने कहा कि मिनीमाता जी ने अपने संघर्ष और सेवा के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने महिलाओं, गरीबों और वंचितों के अधिकारों के लिए निरंतर आवाज उठाई। आज की युवा पीढ़ी को उनके संघर्ष और विचारों से प्रेरणा लेकर सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि मिनीमाता जी के सामाजिक न्याय, समानता और जनसेवा के विचारों को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति, अस्मिता और छत्तीसगढ़िया अधिकारों के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।
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(कोरबा) समाज को भ्रमित करने वाले नैरेटिव से रहें सचेत: कैलाश चंद्र
० श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय कोरबा में कल्चरल मार्क्सवाद पर परिचर्चा आयोजित
० मीडिया, सिनेमा, पाठ्यक्रम और साहित्य के माध्यम से सामाजिक धारणाओं के निर्माण पर हुआ मंथन
कोरबा 12 अगस्त (आरएनएस)। श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय कोरबा में कल्चरल मार्क्सवाद विषय पर अध्ययन एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया। कोरबा में आयोजित ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्र में क्षेत्र साहित्य प्रमुख विश्वजीत सिंह, क्षेत्र प्रचार प्रमुख कैलाश चंद्र छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा उपस्थित रहे। परिचर्चा में कल्चरल मार्क्सवाद की ऐतिहासिक एवं वैचारिक पृष्ठभूमि सहित शिक्षा, संस्कृति, परिवार, मीडिया, सिनेमा, साहित्य, फिल्म, वेब सीरीज और ओटीटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से निर्मित होने वाले सामाजिक नैरेटिव पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य क्षेत्र प्रचार प्रमुख कैलाश चंद्र ने कहा कि कल्चरल मार्क्सवाद को समझने के लिए उसके अकादमिक स्रोतों, ऐतिहासिक विकास और वैचारिक पृष्ठभूमि का गंभीर अध्ययन आवश्यक है। वर्तमान समय में सामाजिक विचारों और धारणाओं के निर्माण में मीडिया तथा विभिन्न प्रकार के नैरेटिव की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि समाज में प्रचलित किसी विचार अथवा नैरेटिव को केवल उसकी बाहरी अभिव्यक्ति के आधार पर नहींए बल्कि उसके स्रोतए उद्देश्य और दीर्घकालीन प्रभावों के संदर्भ में समझा जाना चाहिए। समाज में वैचारिक भ्रम उत्पन्न करने वाले नैरेटिव को पहचानने के लिए तथ्यपरक अध्ययनए तार्किक चिंतन और निरंतर संवाद आवश्यक है। बाजार के निर्माण में संस्कृति और नैरेटिव की भूमिका कैलाश चंद्र ने वैश्विक बाजार शक्तियों और सामाजिक. सांस्कृतिक नैरेटिव के संबंधों पर चर्चा करते हुए कहा कि बाजार का निर्माण केवल उत्पादनए व्यापार और उपभोग से नहीं होता। संस्कृति, जीवन.शैली, सामाजिक धारणाएं और प्रचारित नैरेटिव भी बाजार की दिशा तथा उपभोक्ताओं के व्यवहार को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था, अकादमिक पाठ्यक्रमों और मनोरंजन माध्यमों के जरिए सामाजिक एवं सांस्कृ तिक विमर्श का निर्माण होता है। शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाया जाने वाला विचार धीरे.धीरे सार्वजनिक विमर्श और समाज के नैरेटिव का हिस्सा बन जाता है। इसलिए विद्यार्थियों को विभिन्न विचारधाराओं का तथ्यपरक एवं तुलनात्मक अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
कैलाश चंद्र ने भारतीय और पश्चिमी चिंतन परंपराओं की तुलना करते हुए भारतीय दर्शन में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति परिवार और उसकी मूल्य.व्यवस्था है। भारतीय परिवार केवल एक सामाजिक इकाई नहींए बल्कि संस्कारए उत्तरदायित्वए सहयोग और पीढ़ियों के बीच ज्ञान एवं अनुभव के हस्तांतरण का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने भारतीय समाज की पारिवारिक एवं सांस्कृतिक संरचना पर वैश्विक वैचारिक और बाजारगत प्रवृत्तियों के संभावित प्रभावों को समझने की आवश्यकता बताई। ग्राम्शी और फ्रैंकफर्ट स्कूल के विचारों पर विमर्श परिचर्चा में इटली के विचारक एंटोनियो ग्राम्शी के सांस्कृतिक वर्चस्व के सिद्धांत तथा फ्रैंकफर्ट स्कूल से संबंधित प्रमुख विचारकों मैक्स होर्खाइमरए थियोडोर अडोर्नो और हर्बर्ट मार्क्यूज के विचारों का उल्लेख किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक वैचारिक विमर्श संस्कृति, शिक्षा, मीडिया और सामाजिक संस्थाओं के स्तर पर भी दिखाई देता है। समाज में प्रसारित होने वाले विभिन्न नैरेटिव, उनके अकादमिक स्रोत और सामाजिक प्रभाव को समझने के लिए ऐसे अध्ययन एवं परिचर्चा कार्यक्रम आवश्यक हैं। विद्यार्थियों और प्रबुद्धजनों ने रखे प्रश्न परिचर्चा के दौरान प्रतिभागियों ने शिक्षाए मीडियाए संस्कृतिए परिवारए सामाजिक बदलावए बाजार और मनोरंजन माध्यमों से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे। वक्ताओं ने इन प्रश्नों का उत्तर देते हुए विषय के अलग-अलग वैचारिक और सामाजिक पहलुओं को स्पष्ट किया। कार्यक्रम में शिक्षाविदोंए प्राध्यापकोंए शोधार्थियोंए विद्यार्थियों और नगर के प्रबुद्धजनों ने सहभागिता की। प्रतिभागियों ने इस प्रकार के विषयों पर शैक्षणिक संस्थानों में नियमित अध्ययनए शोध और संवाद आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।
विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर अध्ययन की आवश्यकता परिचर्चा में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कल्चरल मार्क्सवाद और समकालीन सामाजिक नैरेटिव जैसे विषयों पर विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर निरंतर अध्ययन और सार्थक विमर्श होना चाहिए। इससे विद्यार्थी और समाज के विभिन्न वर्ग वैचारिक प्रवृत्तियों को तथ्यपरक ढंग से समझ सकेंगे तथा किसी प्रकार के भ्रम से बचते हुए विवेकपूर्ण दृष्टिकोण विकसित कर पाएंगे। कार्यक्रम का समापन उपस्थित अतिथियों, वक्ताओं, महाविद्यालय परिवार और
प्रतिभागियों के प्रति महाविद्यालय प्राचार्य डॉ मनोज कुमार झा के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। अध्येताओं में अक्षदा पुण्डलिक संगीता तिवारी नीति तिवारी देवेंद्र पिपरिया शीलू साहू ने परिचर्चा में भाग लिया। संचालन महाविद्यालय प्राध्यापक रुचिका कल्ला ने किया।
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(कोरबा) प्रताड़ना से हुई अंकित की मौत, परिजनों ने प्रिया पर जताया संदेह
कोरबा 12 अगस्त (आरएनएस)। जिले की एसईसीएल सुभाष ब्लॉक कॉलोनी में 29 वर्षीय अंकित सोनवानी की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मृतक के परिजनों ने उसकी पत्नी प्रिया सोनवानी पर हत्या का संदेह जताते हुए पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग की थी। मामले में पुलिस जांच के बाद मृतक की पत्नी प्रिया सोनवानी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
करीब तीन सप्ताह पहले अंकित सोनवानी अपने घर के कमरे में खून से लथपथ हालत में मिला था। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से ही मौत को लेकर कई सवाल उठ रहे थे। मृतक की बहन अंकिता सोनवानी ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर अपनी भाभी प्रिया सोनवानी पर प्रताडना और हत्या का संदेह जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की।
पुलिस ने परिजनों के आवेदनों को स्वीकार करने के साथ कहा कि उनके आरोप और शंकाओं को गंभीरता से लिया जाएगा। जो आशंकाएं जताई गई है उस आधार पर भी पुलिस अंकित की मौत का सच जानने के लिए जरूर जांच करेगी।
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(कोरबा) महिलाओं ने आनंद मेला के साथ बांटी खुशी
कोरबा 12 अगस्त (आरएनएस)। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में सृष्टि महिला समाज सेवी संस्था की ओर से संकुल स्कूल दीपका में आनंद मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मनोरंजन और आनंद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज से जुडकर जरूरतमंदों की मदद करने का संदेश भी दिया गया।
इसी कड़ी में संस्था की ओर से स्कूल को आरओ सिस्टम एवं वाटर टैंक भेंट किया गया। संस्था अध्यक्ष गौरी चक्रवर्ती ने कहा कि बच्चों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। उन्होंने बताया कि बच्चों के स्वस्थ और स्वच्छ जीवन के लिए स्वच्छ पानी बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षक अजय पटेल सहित संस्था के सभी सदस्य एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। सचिव अंजलि गौराहा, कोषाध्यक्ष प्रीति शर्मा, सह सचिव सेमी रात्रि, उपाध्यक्ष शकुंतला पटेल, संगठन समन्वयक अनामिका यादव, मीडिया प्रभारी कल्पना शुक्ला, प्रभारी पूर्णिमा तथा इवेंट ऑर्गेनाइजेशन प्रिया पटेल ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया।
आनंद मेले में विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन, आकर्षक परिधान, हस्तशिल्प एवं मनोरंजक गतिविधियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। बच्चों के लिए विभिन्न खेलों का भी आयोजन किया गया। स्कूल के बच्चों ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में बच्चों ने हिस्सा लिया।
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(रायगढ़) चार साल से लापता दुष्कर्म पीड़िता को रायगढ़ से खोज निकाला, कोर्ट में कराई उपस्थिति
रायगढ़, 12 अगस्त (आरएनएस)। अभियान संवेदनाÓ के तहत रायगढ़ पुलिस ने करीब चार वर्षों से लापता नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को रायगढ़ से सकुशल बरामद कर लिया। घरघोड़ा पुलिस की विशेष टीम ने लगातार पतासाजी के बाद पीड़िता को तलाशा और 11 अगस्त 2026 को उसकी माननीय न्यायालय के समक्ष उपस्थिति सुनिश्चित कराई। पुलिस की इस कार्रवाई से लंबित पॉक्सो प्रकरण की न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
मामला विशेष न्यायाधीश एफटीएससी (पॉक्सो) न्यायालय घरघोड़ा में विचाराधीन विशेष पॉक्सो प्रकरण क्रमांक 57/2021 से जुड़ा है। थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 232/2021 के तहत धारा 363, 366, 376 भारतीय दंड संहिता तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 में मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण की सुनवाई के दौरान वर्ष 2022 में पीड़िता के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। न्यायालय द्वारा लगातार समंस जारी किए जाने के बावजूद उसका पता नहीं चल पाने के कारण मामले की न्यायिक कार्यवाही प्रभावित हो रही थी।
पीड़िता की न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने विशेष पुलिस टीम गठित की। टीम ने पीड़िता के परिजनों, सहेलियों और रिश्तेदारों से पूछताछ कर संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई।
पुलिस ने रायगढ़ जिले के अलावा अन्य जिलों में भी सघन तलाश अभियान चलाया। व्यवसायिक क्षेत्रों, फैक्ट्री क्षेत्रों, कोयला खदानों और स्लम इलाकों में भी पीड़िता की तलाश की गई। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने 10 अगस्त 2026 को पीड़िता को रायगढ़ से बरामद कर लिया। इसके बाद 11 अगस्त को उसकी न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराई गई।
पुलिस के मुताबिक, करीब चार वर्षों से लापता पीड़िता की बरामदगी और न्यायालय में उपस्थिति से विचाराधीन पॉक्सो प्रकरण की कार्यवाही को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। इससे मामले में न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलने और दोषी को कानून के अनुसार सजा दिलाने की दिशा में कार्रवाई मजबूत होगी।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू, आरक्षक क्रमांक 871 दिनेश सिदार, आरक्षक क्रमांक 415 प्रदीप तिग्गा और आरक्षक क्रमांक 646 हरीश पटेल की विशेष भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि नाबालिग पीड़ितों को न्याय दिलाना रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि कोई पीड़ित वर्षों से लापता हो, तब भी उसकी तलाश के प्रयास नहीं रुकेंगे। प्रत्येक पीड़ित को न्याय की प्रक्रिया से जोड़ने और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने के लिए पुलिस पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
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(बलौदाबाजार) साइबर ठगों की सबसे बड़ी ताकत, हमारी चुप्पी और निष्क्रियता है
बलौदाबाजार-भाटापारा ़, 12 अगस्त (आरएनएस)। पुलिस जिले के सभी नागरिकों से अपील करती है कि ऑनलाइन धोखाधड़ी या ठगी के प्रयास होने पर शांत न बैठें। आपकी एक छोटी सी रिपोर्ट या शिकायत साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में बेहद मददगार साबित हो सकती है।
चुप्पी तोड़ें, साइबर ठगों के मंसूबों को नाकाम करें:
ठगी का प्रयास होने पर भी न चुप रहें: यदि किसी साइबर ठग ने आपको फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक या मैसेज भेजा है, भले ही आप ठगी से बच गए हों, फिर भी उसकी शिकायत तुरंत दर्ज कराएं।
नेटवर्क तोड़ने में मदद: जब आप असफल प्रयास की भी रिपोर्ट करते हैं, तो पुलिस को उस फर्जी नंबर, लिंक या बैंक खाते को ब्लॉक करने में मदद मिलती है, जिससे अन्य निर्दोष नागरिक ठगी से बच जाते हैं।
डेटा सुरक्षित रखें: अपने यूजरनेम, पासवर्ड, क्रेडिट/डेबिट कार्ड डिटेल्स या ह्रञ्जक्क किसी के साथ साझा न करें।
साइबर अपराध की तुरंत रिपोर्ट कहाँ और कैसे करें?- यदि आपके साथ कोई साइबर ठगी हो जाए या कोई ठगी का प्रयास करे, तो बिना झिझक तुरंत सूचना दें:
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930
ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं:
स्थानीय सहायता: अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल बलौदाबाजार-भाटापारा में संपर्क करें।
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(दुर्ग) चॉइस सेंटर के हिसाब-किताब को लेकर भाइयों में विवाद, बड़े भाई ने कुल्हाड़ी मारकर छोटे भाई की हत्या
दुर्ग़, 12 अगस्त (आरएनएस)। साईनगर बघेरा में चॉइस सेंटर के संचालन और हिसाब-किताब को लेकर दो सगे भाइयों के बीच हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। विवाद के दौरान बड़े भाई ने अपने छोटे भाई के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी भाई को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी थान सिंह देवांगन की रिपोर्ट पर थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में अपराध क्रमांक 442/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में अपराध दर्ज किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी देवेन्द्र देवांगन और मृतक कैलाश देवांगन सगे भाई थे और दोनों मिलकर चॉइस सेंटर का संचालन करते थे। पुराने चॉइस सेंटर के अधिक चलने को लेकर दोनों भाइयों के बीच आए दिन विवाद होता रहता था।
इसी विवाद के चलते दोनों के बीच हिसाब-किताब को लेकर कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने पर देवेन्द्र देवांगन ने अपने छोटे भाई कैलाश देवांगन के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण कैलाश की मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी देवेन्द्र देवांगन को हिरासत में ले लिया है। पुलिस मामले में आगे की विवेचना कर रही है।
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(रायपुर) विश्व हाथी दिवस 2026: हाथियों के संरक्षण और प्राकृतिक गलियारों की रक्षा का संदेश
० पर्यावरण एवं एलिफेंट संरक्षण प्रेमी प्रशांत कुमार क्षीरसागर ने कहा—हाथियों की सुरक्षा, जंगल और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा है
रायपुर, 12 अगस्त (आरएनएस)। विश्व हाथी दिवस के अवसर पर हाथियों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने की दिशा में जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया। पर्यावरण एवं एलिफेंट संरक्षण प्रेमी प्रशांत कुमार क्षीरसागर ने कहा कि हाथी केवल विशालकाय वन्यजीव नहीं, बल्कि जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जीव हैं।
हर वर्ष 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य हाथियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उनके प्राकृतिक आवासों और वन्यजीव गलियारों (कॉरिडोर) की रक्षा करना तथा हाथियों के सामने मौजूद खतरों को लेकर समाज को संवेदनशील बनाना है।
हाथी जंगलों में बीजों के प्रसार से लेकर वनस्पतियों के प्राकृतिक विकास तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके आवागमन से जंगलों का पारिस्थितिक संतुलन भी प्रभावित होता है। ऐसे में हाथियों के प्राकृतिक आवास और उनके पारंपरिक आवागमन मार्गों को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।
प्रशांत कुमार क्षीरसागर ने कहा कि वनों की कटाई, प्राकृतिक आवासों का लगातार सिकुड़ना, हाथियों के पारंपरिक कॉरिडोर में मानवीय गतिविधियों का बढ़ना और मानव-हाथी संघर्ष हाथियों के संरक्षण के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए वन क्षेत्रों और हाथी कॉरिडोर का संरक्षण, स्थानीय समुदायों की भागीदारी तथा वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मानव-हाथी संघर्ष को रोकने के लिए केवल हाथियों की सुरक्षा पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हाथियों के स

