श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

2 जुलाई- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

नवधा भगति कहउँ तोहि पाहीं ।
सावधान सुनु धरु मन माहीं ।।
प्रथम भगति संतन्ह कर संगा ।
दूसरि रति मम कथा प्रसंगा ।।
( अरण्यकांड 34/4)
राम राम 🙏🙏
राम जी शबरी माँ के आश्रम पहुँचे हैं । शबरी माँ उनकी स्तुति करती हैं , राम जी कहते हैं कि मैं केवल भक्ति का संबंध मानता हूँ । राम जी शबरी माँ को नौ प्रकार की भक्ति बताते हुए उन्हें मन में धारण करने के लिए कहते हैं । राम जी कहते हैं कि पहली भक्ति संतों का साथ तथा दूसरी मेरे कथा प्रसंगों में प्रेम होना है ।
राम जी से जुड़ना चाहते हैं तो केवल भक्ति से जुड़ सकते हैं । इसके लिए आपको संतों का संग व राम कथा प्रसंगों से प्रेम करना होगा ।इन दोनों में से आप एक भी नहीं करते हैं फिर राम भक्ति कैसे पा सकते हैं ? अत: राम भक्ति पाने के लिए सत्संग करें व राम कथा में अपना प्रेम बढ़ाएँ । अथ! संतों के संग , जय जय राम कथा 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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