24 जनवरी – श्रीरामचरितमानस,
नमो राघवाय 🙏
बिनु सत्संग न हरि कथा
तेहि बिनु मोह न भाग ।
मोह गये बिनु राम पद होइ
न दृढ अनुराग ।।
( उत्तरकांड, दो. 61)
राम राम 🙏🙏
गरुड़ जी ने युद्ध में राम जी को बंधन में बंधा देखकर मोह हो जाता है । वे नारद के पास जाते हैं अपनी बात कहते हैं , नारद जी उन्हें ब्रह्मा जी व ब्रह्मा जी उन्हें शिव जी के पास भेजा है कि उनके पास ही तुम्हारा मोह दूर होगा । वे शिव जी के पास आते हैं अपना मोह बताते हैं । शिव जी कहते हैं जब बहुत समय तक सत्संग करेंगे तब मोह दूर होगा । बिना सत्संग के भगवान की कथा सुनने को मिलती नहीं है और कथा सुने बिना मोह दूर होता नहीं है । मोह दूर हुए बिना राम चरणों में अचल प्रेम नहीं होता है ।
हम सब मोह में जी रहें हैं, सत्संग हमारे जीवन में है नही , न ही भगवान की कथा हम सुन पाते हैं । जब तक सत्संग कर भगवत कथा नहीं सुनेंगे तब तक हमारी यही गति रहेगी । राम चरणों में अटूट प्रेम की कमी ही मोह उपजाती है । अतएव अपने जीवन से मोह दूर करने के लिए सतत सत्संग करें , राम कथा सुनें पुनि सुखी हो जाएँ । अथ ! जय जय राम सुखधाम , हरो मोह अज्ञान 🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

