8 जनवरी – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
सकल सुमंगल दायक
रघुनायक गुनगान ।
सादर सुनहिं ते तरहिं
भव सिंधु बिना जलजान ।।
( सुंदरकांड , दो. 60)
राम राम 🙏🙏
सुंदरकाड की फलश्रुति बताते हुए गोस्वामी जी कांड के अंत में कहते हैं कि राम जी का गुणगान सब प्रकार से मंगल करता है तथा जो राम गुणगान को आदरपूर्वक सुनेंगे वे भी भव सागर बिना किसी साधन के पार हो जाएँगें ।अस्तु! अपना हर प्रकार से मंगल करना चाहते हैं तो राम गुणगान करें व राम गुणगान आदर पूर्वक सुनें । अथ ! जय मंगल भवन अमंगल हारी 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

