श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

8 मई- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

सुनहु असंतन्ह केर सुभाऊ ।
भूलेहुँ संगति करिअ न काऊ ।।
तिन्ह कर संग सदा दुखदाई ।
जिमि कपिलहि घालइ हरहाई ।।
( उत्तरकांड 38/1)
राम राम 🙏🙏
श्री राम जी के राज्याभिषेक उपरांत सनकादि मुनि श्री राम दर्शन के लिए आते हैं । उनके जाने के बाद श्री भरत जी ने संत व दुष्टों के बारे में श्री राम जी से पूछा है । दुष्टों के बारे में बताते हुए श्री राम जी कहते हैं कि भूलकर भी दुष्टों की संगति नहीं करनी चाहिए, इनका संग सदा दुख देने वाला होता है जैसे हरहाई गाय सीधी कपिला गाय को अपने संग से नष्ट कर डालती है ।
भक्तों ! भूलकर भी जीवन में दुष्टों का संग न करें अन्यथा हानि होनी तय है । नष्ट होने से बचना है तो केवल और केवल सत्संग करें, तथा श्री सीताराम जी का गुणगान करें एवं श्री सीताराम जी के युगल चरणों में अपने को समर्पित कर दे तक श्री सीताराम नाम का अनवरत भजन करें….श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम । सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम। जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम राम राम जय राम राम राम राम
🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *