श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

22 अगस्त- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

सुखी मीन जे नीर अगाधा ।
जिमि हरि सरन न एकउ बाधा ।।
फूलें कमल सोह सर कैसा ।
निर्गुन ब्रह्म सगुन भएँ जैसा ।।
( किष्किंधाकांड 16/1)
राम राम 🙏🙏 माता सीता जी की खोज में सुग्रीव से मिलने के बाद श्री राम जी वर्षा ऋतु में प्रवर्षण पर्वत पर निवास कर रहे हैं । वे लक्ष्मण से वर्षा ऋतु के बारे में कहते हैं कि जो मछलियाँ अगाध जल में हैं , वे सुखी हैं जैसे श्रीहरि की शरण में जाने पर एक भी बाधा नहीं रहती है । कमलों के फूलने पर तालाब ऐसी शोभा पा रहा है जैसे निर्गुण ब्रह्म सगुण होने पर शोभित होता है ।
आत्मीय जनों ! संसार बाँधता है जबकि भगवान की शरण बाधा मुक्त करता है । इस संसार में वही बाधा मुक्त व शोभित है जो भगवान की शरण में रहता है । अतः सदा श्री राम शरण में रहें , राम चरण में रहें तथा सुखी व शोभित बने रहें । अथ…… श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम , जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम, सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *