27 दिसंबर.श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
केहि बिधि अस्तुति करौं तुम्हारी।
अधम जाति मैं जड़मति भारी ।।
कह रघुपति सुनु भामिनि बाता।
मानउँ एक भगति कर नाता ।।
( अरण्यकांड 34/2-4)
जय सियाराम 🙏🙏
माता सीता जी को खोजते हुए श्री राम जी शबरी आश्रम आए हैं । माता शबरी स्वागत कर कंद मूल फल खिलाती हैं और श्री राम जी से कहती हैं कि मैं अल्प बुद्धि वाली किस प्रकार से आपकी स्तुति करूँ ? श्री राम जी कहते हैं कि हे शबरी जी ! मेरी बात सुनिए, मैं केवल भक्ति का ही संबंध मानता हूँ।
बंधुवर ! आप अपने मन में छोटे बड़े का विचार न करें, केवल श्री राम जी की भक्ति करें क्योंकि श्री राम जी हमें आपको केवल हमारी भक्ति से जाँचते व मानते हैं । अतः श्री राम जी से नाता रखना चाहते हैं तो उनकी भक्ति का खाता अपने हृदय में खोल लें । अथ…..श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

