22 मार्च – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
नाइ चरन सिरु कह कर जोरी नाथ मोहि कछु नाहिन खोरी ।।अतिसय प्रबल देव तव माया ।
छुटइ राम करहु जौं दाया ।।
( किष्किंधाकांड 20/1)
राम राम 🙏🙏
राम जी ने सुग्रीव को राजा बना दिया परंतु सुग्रीव राम काज भूल जाते हैं । राम जी लक्ष्मण से कहते हैं कि उसे भय दिखाकर मेरे पास ले आओ । सुग्रीव अंगद आदि कपियों के साथ राम जी के पास आते हैं । वे प्रणाम कर राम जी से कहते हैं कि नाथ ! इसमें मेरा कुछ भी दोष नहीं है । आपकी माया अत्यंत प्रबल है । आप जब दया करते हैं तभी यह माया छूटती है ।
राम जी जब दया करते हैं तब उनकी माया हमारा पीछा करना छोड़ती है । राम जी की दया हमें तभी मिलती है जब हम राम सेवा में लगते हैं , राम धर्म का पालन करते है । सत्य दया तप व दान का पालन करते हैं । यदि अपने जीवन में हम सत्य दया तप व दान बढ़ाते हैं तो राम जी अवश्य कृपा करते हैं ।अतएव धर्ममय जीवन जीएँ राम कृपा अवश्य मिलेगी । अस्तु! जय राम जय राम जय जय राम
संकलन तरूण जी लखनऊ

