संस्कार भारती का 37वाँ बाल गोकुलम श्री राधाकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता भव्य रूप से संपन्न :नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राधा-कृष्ण के मनमोहक स्वरूपों से मोहा मन, भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों का दिया संदेश
सिटी क्राइम रिपोर्टर ,अनुराग श्रीवास्तव
जौनपुर। कला एवं साहित्य को समर्पित अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती जौनपुर द्वारा रविवार, 6 सितंबर को नगर स्थित सिद्धार्थ उपवन में 37वाँ बाल गोकुलम श्री राधाकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता भव्य एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने लल्ला, श्री राधा एवं श्री कृष्ण के मनमोहक स्वरूप धारण कर भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा एवं संस्कारों की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम अध्यक्ष श्री सत्यप्रकाश सिंह, प्रधानाचार्य तिलकधारी सिंह इंटर कॉलेज, मुख्य अतिथि श्रीमती मनोरमा मौर्या, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद जौनपुर, विशिष्ट अतिथि श्री विनीत सेठ, उद्योगपति श्री मनोज अग्रहरि, संस्था के संरक्षक श्री रविंद्र नाथ, अध्यक्ष डॉ. ज्योति दास, काशी प्रांत महामंत्री श्री सुजीत श्रीवास्तव एवं महामंत्री श्री अमित गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मां सरस्वती, भगवान नटराज एवं श्री राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर पूजन किया गया। तत्पश्चात संस्था के सदस्यों द्वारा ध्येय गीत प्रस्तुत किया गया।
प्रतियोगिता का शुभारंभ लल्ला वर्ग से हुआ। इसके बाद श्री राधा एवं श्री कृष्ण वर्ग में बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के आकर्षक स्वरूपों ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष श्री अजीत प्रजापति ने संस्कार भारती की स्थापना एवं उसके गौरवपूर्ण इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिन उद्देश्यों को लेकर संस्था की स्थापना की गई थी, संस्कार भारती आज भी उन उद्देश्यों को पूरा करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने भारतीय संस्कृति, कला एवं संस्कारों को नई पीढ़ी से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की।
काशी प्रांत महामंत्री श्री सुजीत श्रीवास्तव ने अपने मार्गदर्शन से कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। विशिष्ट अतिथि श्री विनीत सेठ ने कहा कि आज के परिवेश में सनातन संस्कृति एवं संस्कारों को नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए संस्कार भारती का प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण एवं अनुकरणीय है।
उद्योगपति श्री मनोज अग्रहरि ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सांस्कृतिक एवं सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने संस्था के आगामी कार्यक्रमों में भी पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम अध्यक्ष श्री सत्यप्रकाश सिंह ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं संस्था के संरक्षक एवं प्रथम अध्यक्ष डॉ. अरुण मिश्रा ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि 37 वर्ष पूर्व रोपे गए संस्कार भारती के पौधे को आज फलता-फूलता देखकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है।
प्रतियोगिता परिणाम
लल्ला वर्ग:
प्रथम — शिवाली श्रीवास्तव | द्वितीय — वंशिका आर्या | तृतीय — कृश
श्री राधा वर्ग:
प्रथम — शिवांगी अग्रहरि | द्वितीय — दिव्यांशी सिंह | तृतीय — अनायसा जायसवाल
श्री कृष्ण वर्ग:
प्रथम — देव अग्रहरि | द्वितीय — मनन सेठ | तृतीय — कविश उपाध्याय
प्रतियोगिता के उपरांत लल्ला, श्री राधा एवं श्री कृष्ण के सभी स्वरूपों की भव्य सामूहिक आरती की गई। मुख्य अतिथि श्रीमती मनोरमा मौर्या ने विजेता बच्चों को पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। निर्णायक मंडल की सदस्य श्रीमती सुषमा गुप्ता, श्रीमती अर्चना सिंह एवं कलाविद श्री नवीन विश्वकर्मा को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन संस्था के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं जिला उपाध्यक्ष श्री ऋषि श्रीवास्तव ने किया। महामंत्री श्री अमित गुप्ता ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम संयोजक श्री अभिताश गुप्ता एवं श्री दीपक श्रीवास्तव ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया।
कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष श्री अमित श्रीवास्तव, श्री शिव नारायण मिश्रा, श्री आलोक रंजन सिन्हा, श्री अतुल सिंह, श्री सत्येंद्र अग्रहरि, श्री नरेंद्र पाठक, श्री योगेंद्र प्रताप सिंह, श्री राजेश किशोर, श्री विष्णु गौड़, श्री गौरव गुप्ता, श्री विष्णु सहाय, डॉ. सूरज जायसवाल, श्री संजय साहू, श्री आशीष गुप्ता, श्री अजय गुप्ता, श्री मयंक नारायण, श्री आशीष श्रीवास्तव, श्री राजेश अग्रहरि, श्री सुप्रतीक गुप्ता, श्री विनोद अग्रहरि, श्रीमती ज्योति ऋषि श्रीवास्तव, श्री वीरेंद्र मौर्य, श्री राज केसरी, श्रीमती ज्योति मिथिलेश श्रीवास्तव, श्रीमती कंचन लता, श्री नीरज श्रीवास्तव, श्रीमती मंजू लता, श्रीमती सोनम अग्रहरि, श्री आकाश सेठ, श्री मनीष अस्थाना, श्री मनीष श्रीवास्तव, श्री बालकृष्ण, श्री अरुण केसरी, श्री धर्मेंद्र सेठ, श्री दिलीप सिंह, श्री प्रदीप सिंह, कलाविद श्री रविकांत जायसवाल, श्री अवधेश यादव, कोषाध्यक्ष श्री राजकमल, श्री अवधेश श्रीवास्तव, श्री मनोज गुप्ता, श्री धर्मेंद्र गुप्ता, श्री केवल चौरसिया, श्री अरुण श्रीवास्तव, श्री आशीष जायसवाल, श्री शशांक सिंह रानू, श्री रोहित राव, श्री सुजीत चौरसिया, श्रीमती श्वेता खत्री, श्री प्रकाश खत्री एवं श्री गणतंत्र श्रीवास्तव सहित संस्था के पदाधिकारी, सदस्य, अभिभावक एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के साथ हुआ। आयोजन ने नन्हे बच्चों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा एवं संस्कारों को नई पीढ़ी से जोड़ने का सार्थक संदेश दिया।

