साधु-संतों के वेश में संसद के बाहर प्रदर्शन पर भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने भेजा विधिक नोटि

साधु-संतों के वेश में संसद के बाहर प्रदर्शन पर भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने भेजा विधिक नोटिस

(राजन तिवारी सिटी रिपोर्टर)

अयोध्या।संसद भवन के समक्ष राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे को लेकर साधु-संतों का वेश धारण कर किए गए राजनीतिक प्रदर्शन के विरुद्ध अब कानूनी मोर्चा खुल गया है।इस मौके पर भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव तथा सांसद अवधेश प्रसाद को विस्तृत विधिक नोटिस एवं सार्वजनिक आपत्ति-पत्र भेजते हुए आरोप लगाया है कि इस कृत्य से सनातन धर्म, साधु-संत परंपरा और करोड़ों रामभक्तों की धार्मिक भावनाओं का गंभीर अपमान हुआ है।विधिक नोटिस में कहा गया है कि साधु-संतों का स्वरूप भारतीय संस्कृति में तप, त्याग, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का सर्वोच्च प्रतीक है।ऐसे पवित्र स्वरूप का राजनीतिक प्रदर्शन, प्रचार अथवा आरोप-प्रत्यारोप का माध्यम बनाना धार्मिक आस्था के साथ अस्वीकार्य खिलवाड़ है। नोटिस में इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रतिकूल बताया गया है।नोटिस के माध्यम से राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद से बिना शर्त सार्वजनिक माफी, अपने कृत्य पर स्पष्ट खेद व्यक्त करने तथा भविष्य में धार्मिक वेशभूषा और संत परंपरा का राजनीतिक उपयोग न करने का लिखित आश्वासन देने की मांग की गई है।डॉ. रजनीश सिंह ने कहा,”अयोध्या किसी व्यक्ति, परिवार, राजनीतिक दल या संगठन की बपौती नहीं है। अयोध्या प्रभु श्रीराम की पावन नगरी है और इसकी मर्यादा पर आघात करोड़ों रामभक्तों की आस्था पर आघात है। लोकतंत्र के नाम पर संतों की पवित्र परंपरा का राजनीतिक उपयोग किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।”उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन धर्म, संत परंपरा और आस्था को राजनीतिक हथियार बनाना देश की सांस्कृतिक विरासत के साथ अन्याय है। जो भी व्यक्ति धार्मिक प्रतीकों का दुरुपयोग कर समाज को भड़काने या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास करेगा, उसके विरुद्ध कानून के तहत उपलब्ध सभी वैधानिक और संवैधानिक उपाय अपनाए जाएंगे।विधिक नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समयावधि के भीतर संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में मानहानि, क्षतिपूर्ति तथा अन्य उपलब्ध कानूनी कार्यवाहियां प्रारंभ की जाएंगी।डॉ. रजनीश सिंह ने कहा कि “सनातन परंपरा, साधु-संतों की गरिमा और प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या का सम्मान किसी राजनीतिक एजेंडे से ऊपर है।इसकी गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को कानून के दायरे में जवाब देना होगा।आस्था का अपमान किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।”

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