हाजी याकूब कुरैशी को सोनभद्र, इमरान को सिद्धार्थनगर व फिरोज को बलरामपुर जेल में किया गया शिफ्ट

पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी और उनके दोनों बेटों को दूरदराज जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। याकूब कुरैशी को सोनभद्र इमरान को सिद्धार्थनगर और फिरोज को बलरामपुर जेल में शिफ्ट किया गया है। बता दें कि पूर्व मंत्री का रुतबा जेल जाने तक भी कम नहीं हुआ था। गिरफ्तारी के बाद जेल जाने के बाद भी हाजी याकूब से जेल में मुलाकात करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी। जिसको लेकर एसएसपी ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी थी। इस संबंध में अमर उजाला में प्रमुखता से खबर को प्रकाशित किया था। एसएसपी रोहित सिंह सजवान का कहना कि तीन दिन पहले रिपोर्ट भेजी गई थी। जिसके चलते आप उन्हें शासन के आदेश के अनुसार तीनों पिता-पुत्र को अलग-अलग जिलों में शिफ्ट कर दिया गया है। साथ ही जेल में जिन-जिन लोगों ने याकूब कुरैशी और उनके बेटों से मुलाकात की है। उनका क्या कनेक्शन है, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक राकेश कुमार का कहना है कि सोमवार देर रात पूर्व मंत्री और बेटों को पुलिस सुरक्षा में प्रदेश की अलग-अलग जेलों में शिफ्ट कर दिया गया है। पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के सिर पर भले ही 50 हजार का इनाम था, लेकिन उनका रुतबा कम नहीं था। दिल्ली में आलीशान कोठी में परिवार सहित फरारी काट रहे थे। किसी तरह मेरठ पुलिस उनके पास तक पहुंची, लेकिन उनके रुतबे के सामने कमजोर दिखती रही। दिल्ली से मेरठ जिला कारागार की सलाखों तक याकूब को वीआईपी सुविधा दी और पुलिसकर्मी उनके साथ सेल्फी लेते रहे।

राजनीति के तहत फंसाया… कानून पर भरोसा
पुलिस के मुताबिक, याकूब ने जेल जाने के दौरान कहा कि 2019 का लोकसभा का चुनाव लड़ना महंगा पड़ा है। राजनीति के तहत मुझे और मेरे परिवार के खिलाफ साजिशन मुकदमा दर्ज कराया गया है। मीट फैक्टरी में मुझे गए कई महीने हो गए थे। अब मेरा फैक्टरी से कोई लेना देना नहीं है। मेरी पत्नी को भी नामजद कराया है। कुछ लोग हमारे परिवार के पीछे पड़े हैं। छह महीने तक मेरी अर्जी पर सुनवाई नहीं हुई है। मेरा काफी नुकसान हो गया है। मुझे कानून पर भरोसा है, न्याय जरूर मिलेगा।

इमरान पहली बार जेल गया
याकूब का पुलिस और जेल से पुराना नाता है। करीब 20 साल पहले याकूब कुरैशी व पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के बीच नगर निगम में ठेकेदारी को लेकर विवाद हुआ था। गोलीबारी में एक युवक की हत्या भी हुई थी। जिसमें याकूब जेल गए थे। हालांकि बाद में याकूब को क्लीनचिट मिल गई थी। लेकिन इमरान पहली बार ही जेल में गया है।

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