हिंदू-मुस्लिम नहीं, युवाओं के मुद्दों पर होगा यूपी चुनाव-मौलाना डॉ. कल्बे रुशेद

हिंदू-मुस्लिम नहीं, युवाओं के मुद्दों पर होगा यूपी चुनाव-मौलाना डॉ. कल्बे रुशेद

जौनपुर,17 जुलाई । यूपी के जौनपुर में विश्व विख्यात इस्लामी विद्वान मौलाना डॉ. कल्बे रुशेद रिजवी ने कहा कि सभी धर्म मानवता और आपसी भाईचारे का संदेश देते हैं। नगर के बाजार भुआ स्थित स्वर्गीय मीर बहादुर अली इमामबाड़े में मजलिस-ए-अलम नौचंदी को संबोधित करने के बाद गुरुवार रात देश की उपासना ब्यूरो प्रमुख से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज आदम थे और हम सभी उनकी संतान हैं। सनातन धर्म हो या इस्लाम, हर व्यक्ति को अपने ईश्वर, अल्लाह, गॉड या भगवान की अपने तरीके से उपासना करने की पूरी स्वतंत्रता है।
पीओके के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वह भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा। उनका कहना था कि वहां की जनता पाकिस्तान की सेना के अत्याचार झेल रही है और आने वाले समय में पीओके के लोग भी भारत के साथ आगे बढ़ना चाहेंगे।
ईरान के हालात पर बोलते हुए मौलाना ने कहा कि तमाम प्रतिबंधों के बावजूद ईरान ने चार दशकों तक अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान पर हुए हमलों और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन पर दुनिया की चुप्पी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि ईरान की जनता ने कर्बला से अन्याय के खिलाफ संघर्ष का संदेश सीखा है।
सोनम वांगचुक के आमरण अनशन पर उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनका मानना है कि पेपर लीक जैसे मुद्दों से परेशान युवाओं के हित में जल्द समाधान निकलना चाहिए।
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी और वक्फ बोर्ड से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों पर उन्होंने कहा कि दोनों ही घटनाएं लोगों की आस्था से जुड़ी हैं। सरकार को निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर मौलाना ने कहा कि अब केवल हिंदू-मुस्लिम की राजनीति प्रभावी नहीं होगी। देश और प्रदेश का युवा रोजगार, शिक्षा और भविष्य के मुद्दों पर मतदान करेगा। हालांकि राजनीतिक दल जातीय समीकरणों के आधार पर रणनीति बना रहे हैं, लेकिन आने वाला चुनाव नई राजनीतिक दिशा तय कर सकता है।
बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान की तीसरी शादी पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को कानून के दायरे में विवाह करने का अधिकार देता है। किसी की निजी जिंदगी को अनावश्यक रूप से विवाद का विषय बनाना उचित नहीं है। उन्होंने अंत में कहा कि भारत की प्रगति के लिए सभी धर्मों और समाजों को मिलकर काम करना होगा।

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