अखिल भारतीय रविदासिया धर्म संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष, संत सुखदेव जी महाराज का निधन
नई दिल्ली । खुशी टी वी के संचालक इटली में निवास कर रहे डॉ खुशीराम सुमन ने बताया कि अखिल भारतीय रविदासिया धर्म संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष, संत सुखदेव जी महाराज दिनांक 21 जून 2026 को समाज, धर्म एवं मानवता की सेवा में निरंतर समर्पित रहते हुए चंडीगढ़ में ब्रह्मलीन हो गए। उनके दिवंगत होने से सम्पूर्ण विश्व के रविदासिया समाज को अपूरणीय क्षति पहुँची है। उनका जाना केवल एक व्यक्ति का निधन नहीं, बल्कि एक युग के समर्पित समाजसेवी, कुशल संगठक एवं धर्म प्रचारक का अवसान है।
विदित हो कि दिनांक 31 जनवरी 2010 को गुरु रविदास जन्मस्थान, काशी में लाखों संगतों, संत-महापुरुषों एवं बुद्धिजीवियों की गरिमामयी उपस्थिति में परम पूज्य संत निरंजन दास महाराज जी, विश्व गद्दीनशीं द्वारा रविदासिया धर्म की औपचारिक घोषणा की गई तथा सतगुरु रविदास महाराज जी की पावन अमृतवाणी का प्रकाश किया गया।
इसी ऐतिहासिक अवसर पर रविदासिया धर्म एवं पावन अमृतवाणी के प्रचार-प्रसार हेतु अखिल भारतीय रविदासिया धर्म संगठन की स्थापना की गई तथा तीसरे गुरु रविदास धर्मस्थान, कात्रज (पुणे) के संस्थापक संत सुखदेव जी महाराज को संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया।
संत सुखदेव जी महाराज ने अपनी दूरदर्शिता, संगठन क्षमता, सहृदयता, उदार व्यक्तित्व, मृदुभाषिता एवं सबको साथ लेकर चलने की अद्भुत क्षमता के बल पर इस दायित्व का उत्कृष्ट निर्वहन किया। उनके अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि आज सम्पूर्ण विश्व में रविदासिया समाज के मध्य भाईचारा, एकता एवं प्रेम की भावना सुदृढ़ हुई है। रविदासिया धर्म तथा सतगुरु रविदास महाराज जी की पावन वाणी जन-जन तक पहुँच रही है।
उनके मार्गदर्शन एवं संरक्षण में देश-विदेश में अनेक अमृतवाणी प्रचार केंद्रों की स्थापना एवं सफल संचालन हो रहा है। उनके प्रयासों से अनेक नगरों, कस्बों एवं ग्रामों में सतगुरु रविदास महाराज जी के स्वरूप स्थापित हुए तथा धर्म प्रचार का एक सशक्त जनआंदोलन खड़ा हुआ।
आज जब संत सुखदेव जी महाराज हमारे बीच नहीं हैं, तब सबसे महत्वपूर्ण दायित्व उस पवित्र कारवां को आगे बढ़ाने का है, जिसे उन्होंने अपने तप, त्याग और समर्पण से खड़ा किया। आवश्यकता ऐसे नेतृत्व की है जो उनके विचारों, आदर्शों और कार्यशैली से ओत-प्रोत हो; जिसने उनके सान्निध्य में रहकर संगठन संचालन की बारीकियों को सीखा हो; जो राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठन के पदाधिकारियों, संगतों और समाज को एक सूत्र में बाँधने की क्षमता रखता हो।
आज समय की मांग है कि ऐसा युवा, शिक्षित, दूरदर्शी एवं तकनीकी रूप से सक्षम नेतृत्व आगे आए, जो सोशल मीडिया और आधुनिक संचार माध्यमों की समझ रखता हो, विश्वभर के रविदासिया समाज से सहज रूप से जुड़ा हुआ हो तथा संत सुखदेव जी महाराज के अधूरे सपनों को साकार करने के लिए पूर्णतः समर्पित हो।
संत सुखदेव जी महाराज का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा, सेवा, समर्पण और संगठन का एक अमूल्य उदाहरण रहेगा। उनके द्वारा स्थापित आदर्श सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।

