अजीत सिंह नये जिला कार्यक्रम अधिकारी
ब्यूरो चीफ की खास रिपोर्ट
जौनपुर ।शासन ने पिछले दिनों जौनपुर जनपद में जिला कार्यक्रम अधिकारी के पद पर अजीत कुमार सिंह की तैनाती किया है इसके पूर्व आप मऊ जनपद में थे जहां से स्थानांतरित होकर आपने जौनपुर विकास भवन के भूतल पर बने कार्यालय में पद भार ग्रहण कर लिया है यह पद पूर्वाधिकारी नरेंद्र सिंह के स्थानांतरण गैर जनपद होने के कारण रिक्त था हालांकि नरेन्द्र सिंह सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं ।अजीत कुमार सिंह ने कार्यभार ग्रहण करते ही जनपद के भौगौलिक स्थिति एवं विभिन्न केन्द्रों की क्रियाशीलता का बारीकी से अध्ययन किया और चुनौती भरे दायित्वों पर शासन की मंशा के अनुरूप अपने कामों को अंजाम देने में जुटे हुए विभागीय कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं मूल रूप से वाराणसी के सारनाथ कस्बे के निवासी श्री सिंह की प्रारम्भिक शिक्षा जहां भी हुई हो लेकिन उनकी उच्च शिक्षा काशी विद्यापीठ में हुई और सितम्बर 2013 से आप बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में सीधे जिला कार्यक्रम अधिकारी के पद पर आसीन हुए आपने सोनभद्र फर्रूखाबाद इटावा जनपदों में अपनी बेहतर सेवाएं दिया है । यूं तो उत्तर प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि नए भवनों के निर्माण को लेकर बंपर भर्तियों को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है सरकार अनुपूरक बजट और नई योजनाओं के माध्यम से मानदेय व सुविधाओं को बढ़ाने की तैयारी में जुटी हुई है ।वर्तमान समय में जिले के विभिन्न विकास खण्डों में संचालित बालविकास परियोजना अधिकारी बालविकास एवं पुष्टाहार का कार्यालय है जिसमें हर परियोजना कार्यालय में लगभग डेढ़ सौ से सवा दो सौ तक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं का समूह है केन्द्र से सुदूर रहने वाली प्रत्येक कर्मचारियों के लिए परियोजना अधिकारी कार्यालय से नया फरमान जारी हुआ है कि जियोटैग के जरिए हाजिरी। इस संवाददाता ने इस मसले पर विभागीय कर्मचारियों और विभिन्न परियोजनाओं से सम्पर्क साधा जानकारी में तथ्य यह आया की नब्बे फीसदी कर्मियों की हाजिरी यथावत चल रही है कुछ एक परियोजना कार्यालयों द्वारा गरीब कमजोर वर्ग की कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं का शोषण करने के उद्देश्य से ऐसा घृणित कार्य किया जा रहा है जो उचित नहीं है जनहित के इस गंभीर मुद्दे पर नवागत जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री सिंह का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सहानुभूतिक निर्णय की अपेक्षा है ।

