अदाणी थर्मल पावर प्लांट में फिर हुआ बड़ा हादसा:
*हाइड्रा से खड़ा किया जा रहा बिजली पोल युवक पर गिरा, गंभीर रूप से घायल
*काम की तलाश में घर से निकला था युवक, ओबरा का रहने वाला बताया जा रहा श्रमिक, घटना ने फिर खड़े किए श्रमिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल
मड़िहान, मीरजापुर। जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र के ददरी स्थित निर्माणाधीन अदाणी के थर्मल पावर प्लांट में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को प्लांट परिसर में बिजली का स्ट्रीट लाइट पोल खड़ा करने के दौरान ऐसा हादसा हुआ कि मौके पर मौजूद लोगों के होश उड़ गए। हाइड्रा मशीन की मदद से खड़ा किया जा रहा भारी बिजली पोल अचानक सोनभद्र जनपद के ओबरा निवासी एक युवक के ऊपर जा गिरा। पोल के नीचे दबने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद कुछ पल के लिए घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। जिस युवक के हाथ कुछ देर पहले तक मेहनत में जुटे थे, वही अचानक भारी पोल के नीचे दबा पड़ा था। साथ काम कर रहे श्रमिक और अन्य लोग उसकी ओर दौड़े और किसी तरह उसे पोल के नीचे से निकालने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल युवक की हालत देखकर वहां मौजूद लोगों में घबराहट फैल गई। बताया जा रहा है कि हादसा उस समय हुआ जब हाइड्रा मशीन से बिजली का पोल खड़ा करने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक पोल युवक के ऊपर गिर गया। भारी पोल की चपेट में आने से उसे गंभीर चोटें आईं। हादसे के वास्तविक कारण क्या रहे, पोल खड़ा करते समय सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं और कार्य के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था अथवा नहीं ये ऐसे सवाल हैं जिनकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। आश्चर्य कि बात है कि घटना के बाद घायल युवक को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के बजाय ठेकेदार और उसके साथियों द्वारा इलाज के लिए उसे मिर्जापुर स्थित एक अस्पताल ले जाए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि गंभीर दुर्घटना की स्थिति में घायल श्रमिक को तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाकर प्राथमिक उपचार क्यों नहीं कराया गया। हालांकि घायल को सीधे मिर्जापुर ले जाने के पीछे क्या वजह थी, इस संबंध में संबंधित पक्ष का स्पष्ट बयान सामने आने पर ही वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी। फिलहाल युवक के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना ने उसके साथ काम करने वाले श्रमिकों को भी विचलित कर दिया है। दूसरी ओर आएं दिन प्लांट के अंदर होने वाले हादसों ने भी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। आश्चर्यजनक पहलू तो यह है कि किसी भी घटना दुर्घटना के बाद निर्माणाधीन थर्मल पॉवर प्लांट के जिम्मेदार मुलाजिमों द्वारा सही जानकारी देने के बजाए पर्दा डाला जाता है।

