अयोध्या। राम जन्मभूमि का फैसला सुप्रीम कोर्ट से आने के बाद अयोध्या में अधिकारियों व नेताओं द्वारा बड़े पैमाने पर की गई जमीनों की खरीद-फरोख्त के मामले में जांच के नतीजे चौकाने वाले आ सकते हैं। जांच का दायरा भी बढ़ सकता है। मालूम हो कि बीते दिन इस मामले के खुलासे के बाद शासन स्तर जांच के आदेश दिए गए हैं, और जांच अधिकारी विशेष सचिव राजस्व राधेश्याम मिश्र ने अयोध्या पहुंच कर जांच शुरू कर दी है। यहां उन्होंने माझा बरहटा की जमीन के कागजात को राजस्व विभाग से हासिल किया है। उन्होंने एसडीएम सदर और सब रजिस्टार से भी पूछताछ की है। और तो और राम जन्मभूमि का फैसला आने के बाद अयोध्या में जिन बड़ी जमीनों की खरीद-फरोख्त हुई है उन सब के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि जांच अधिकारी को माझा बंदोबस्त के दौरान भी जमीनों की हेराफेरी के कुछ मामले संज्ञान में आए हैं जिन पर और गहन जांच की जरूरत समझी जा रही है। मालूम हो कि जांच अधिकारी विशेष सचिव राजस्व श्री मिश्र को 5 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट भी देनी है। श्री मिश्र ने महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट कि उन जमीनों का भी स्थलीय निरीक्षण किया है जिनकी खरीद-फरोख्त हुई है और मांझा बरहटा के कुछ दलित लोगों से भी मिले हैं। समझा जाता है कि श्री मिश्र अभी कल तक यहां अयोध्या में रहेंगे और छानबीन करेंगे। फिलहाल उन्होंने मीडिया से दूरी बना रखी है।

