अयोध्या (संवाददाता) सुरेंद्र कुमार। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या पहुंचे।महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट द्वारा आयोजित हुए श्री विष्णु सर्व की पूर्णाहुति अद्भुत शांति महायज्ञ का समापन करेंगे। अयोध्या में परिक्रमा मार्ग स्थित महर्षि आश्रम में महायज्ञ का कार्यक्रम 101 पुरोहित मंत्रोच्चारण और विधि-विधान से पूजन व पूर्णाहुति के साथ किया जाएगा।इस महायज्ञ का आयोजन नोएडा में स्थित महर्षि वैदिक परिसर में 17 से 27 नवंबर तक आयोजित हुआ।इस महायज्ञ की अध्यक्षता जगदगुरु शंकराचार्य श्री स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज ने की थी। जिसमे देश भर से आये आचार्य, विद्वान, प्रकांड पंडितों और पुरोहितगणों ने विधि-विधान से समस्त धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। जहां मानव कल्याण के लिए देवताओं का आह्वान कर प्रतिदिन 1008 से ज्यादा आहुतियाँ डाली गयीं।श्री विष्णु सर्व अद्भुत शांति महायज्ञ के आयोजक और महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि यज्ञ की पूर्णाहुति भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में करने का प्रयोजन इसीलिए किया गया है कि अयोध्यावासी भी इस महायज्ञ का पुण्यलाभ प्राप्त कर सकें।वही बताया कि इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम में शमलित हुए और संबोधन में कहा
अयोध्या सूर्यवंश की राजधानी है,भगवान श्रीराम विष्णु के अवतार हैं।सभी भारतीय अयोध्या की परंपरा पर गौरव की अनुभूति करते हैं।हर व्यक्ति अयोध्या की परंपरा के साथ जुड़ना चाहता है
दीपोत्सव में कई देशों की रामलीला को बुलाया गया,इंडोनेशिया की भी रामलीला आई थी जहां पर दुनिया के सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी है।इंडोनेशिया के रामलीला में कार्यरत सभी पात्र मुस्लिम थे
इंडोनेशिया जैसा देश जो दुनिया के सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी का देश है और जिसमें सभी कलाकार सभी मुस्लिम थे यह मेरे लिए आश्चर्यजनक था।इंडोनेशिया के मुस्लिम कलाकारों ने कहा कि राम के साथ मेरा आत्मीय संबंध है।राम हमारे पूर्वज हमारे पूर्वजों ने भी अपनी उपासना पद्धति बदली होगी लेकिन राम हमारे पूर्वज है।अयोध्या ने 500 वर्षों का संघर्ष झेला है। जो अत्याचार करते थे उनके खिलाफ अयोध्या खड़ी रही। प्रधानमंत्री ने 5 अगस्त 2020 को भव्य राम मंदिर का शिलान्यास किया।अब किसी को राम मंदिर निर्माण पर संदेह नहीं है।यह एक अद्भुत क्षण हम लोगों के सामने अयोध्या सूर्यवंश की राजधानी है।सप्तपुरियों में एक अयोध्या विकास के नए अवसर को छूता हुआ दिखाई दे रहा है।

