आखिर कब जाम की मकड़ जाल से मुक्त होगी रामनगरी
(राजन तिवारी सिटी रिपोर्टर)
अयोध्या।शहर के अधिकतर चौराहो तथा प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति घंटो बनी रहती है। पिछले दिनों पुलिस, यातायात पुलिस के साथ-साथ आरटीओ विभाग महज कागजों पर ही सड़क सुरक्षा सप्ताह तथा सड़क सुरक्षा माह के तहत कुछ गिने चुने स्कूलों में कार्यक्रम करके और कुछ वाहनों का चालान करके कागजी कार्यवाही पूरा कर लेते हैं।वहीं इस समय यातायात पुलिस द्वारा नो पार्किंग के साथ-साथ अन्य चौराहों पर खड़े दो पहिया तथा तीन पहिया के साथ-साथ चार पहिया वाहनों को भी उठाकर पुलिस लाइन ले जा रही है और महज 500 चालान के रूप में लेकर पुनः छोड़ दे रही है।यातायात पुलिस के बिना किसी डर के वाहन स्वामियों के बीच तू डाल-डाल में पात पात की स्थिति सी उत्पन्न सी हो गई है।मतलब की इस समय जहां एक ओर यातायात पुलिस एक दो वाहनों को उठाकर कागजी कार्यवाही कर ले रही है। वहीं उनसे दो कदम आगे वाहन स्वामी भी हैं। क्योंकि ये सभी वाहन स्वामी शहर के विभिन्न इलाकों चौराहों प्रमुख मार्गों पर अपने चौराहों मागों पर अपने जहां पर जाम लगना तो संभव ही है। शहर की चौक, रिकाबगंज, देवकाली तिराहा, गुदरी बाजार, नियावा, साहबगंज, बेनीगंज, देवकाली बाईपास, शांति चौक चौराहा, नाका बाईपास, रायबरेली रोड, सिविल लाइन, नाका, रायबरेली रोड, महिला अस्पताल के सामने सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर जहां बड़े-बड़े अस्पताल तो हैं लेकिन पार्किंग ना होने के चलते मजबूरी में मरीजों के परिजन अपने-अपने चार पहिया व दो पहिया वाहनों को सड़क पर ही खड़ी करते हैं।वही इस समय काम होने के चलते एकल मार्ग है।जिसके चलते चलते एकल मार्ग है। जिसके चलते भी अधिक जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। इसके बावजूद वहां पर ना तो कोई यातायात सिपाही कमी दिखाई देता है ना ही पुलिस से संबंधित अन्य कर्मी। जिसके चलते इधर से गुजरने वाले दो पहिया वाहन चालक भी आए दिन चोटिल होते रहते हैं। इस गंभीर समस्या पर इधर से गुजरने वाले राहगीरों के अलावा स्थानीय लोगों में भी इससे संबंधित खासकर पुलि और यातायात विभाग के कर्मियों व अधिकारियों पर गुस्सा दिखाई पड़ रहा सिंह ने बताया कि यातायात पुलिस कर्मियों द्वारा बीच-बीच में उनके खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जाता है। यातायात पुलिस दावे तो लाख करे लेकिन उनका यह दावा खोखला साबित हो रहा
है।

