आजमगढ़ में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से युवाओं को मिला स्वरोजगार का नया आधार

आजमगढ़ में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से युवाओं को मिला स्वरोजगार का नया आधार
लखनऊ, (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के माध्यम से युवाओं को रोजगार तलाशने वाले वर्ग से आगे बढ़ाकर उद्यमी और रोजगार प्रदाता बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जनपद आजमगढ़ में इस योजना का प्रभाव वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के युवाओं में व्यावसायिक आत्मविश्वास, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता बढ़ाने के रूप में दिखाई दे रहा है।योजना के तहत 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के न्यूनतम आठवीं कक्षा उत्तीर्ण शिक्षित युवाओं को विनिर्माण, सेवा, फ्रेंचाइजी और ‘बिजनेस ऑन व्हील्स’ जैसे क्षेत्रों में नई सूक्ष्म इकाइयां स्थापित करने के लिए संस्थागत वित्तपोषण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रथम चरण में पांच लाख रुपये तक की सूक्ष्म परियोजनाओं के लिए बिना किसी गारंटी, सीजीटीएमएसई के अंतर्गत आच्छादित ऋण, चार वर्ष तक शत-प्रतिशत ब्याज उपादान यानी ब्याज मुक्त ऋण तथा परियोजना लागत पर 10 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान की सुविधा दी गई है।यह व्यवस्था उन युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रही है, जिनके पास व्यवसाय शुरू करने की क्षमता और विचार तो हैं, लेकिन पूंजी अथवा जमानत के अभाव में वे अपना उद्यम शुरू नहीं कर पा रहे थे।जनपद में जिला प्रशासन, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र तथा अग्रणी बैंकों के समन्वय से योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। अब तक लगभग 6,500 युवाओं के ऋण प्रस्ताव स्वीकृत कर उन्हें वित्तीय व्यवस्था से जोड़ा जा चुका है। योजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ महानगरों की ओर होने वाले पलायन को रोकने में भी मदद मिल रही है।स्थानीय स्तर पर अनुकूल व्यावसायिक वातावरण मिलने से युवा अपने गृह जनपद में ही उद्यम स्थापित कर स्थायी आजीविका का मार्ग चुन रहे हैं। इससे स्थानीय बाजार, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य सहायक कारोबारों को भी गति मिल रही है।योजना के प्रभाव का एक उदाहरण आजमगढ़ के बधाईगंज क्षेत्र के युवा हरेन्द्र यादव के उद्यम से सामने आया है। स्नातक तक शिक्षा प्राप्त करने वाले हरेन्द्र सीमित आर्थिक परिस्थितियों के कारण रोजगार की तलाश में मुंबई चले गए थे। वहां करीब 12 वर्षों तक मेहनत और संघर्ष करने के बावजूद पूंजी के अभाव में अपना उद्यम स्थापित करने का सपना पूरा नहीं कर सके।बाद में गृह जनपद लौटने पर उन्हें जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की जानकारी मिली। सरकारी मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से उन्होंने रेडीमेड परिधान निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए आवेदन किया। विभागीय सहयोग के बाद बैंक के माध्यम से उन्हें पांच लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण मिला।इस धनराशि से उन्होंने सिलाई और आधुनिक कढ़ाई की आवश्यक मशीनें खरीदीं तथा ‘अवनि स्पोर्ट्स’ के नाम से परिधान निर्माण इकाई शुरू की। शुरुआत में बाजार में पहचान बनाना चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन हरेन्द्र ने गुणवत्ता, समय पर आपूर्ति और उचित मूल्य को कारोबार का आधार बनाया।
इकाई में ट्रैक सूट, टी-शर्ट, लोअर तथा विभिन्न निजी विद्यालयों के निर्धारित लोगो वाले परिधानों का निर्माण किया जाने लगा। गुणवत्ता और विश्वसनीयता के कारण उत्पादों की मांग आजमगढ़ से बाहर मऊ, गाजीपुर, बलिया और वाराणसी तक पहुंच गई।वर्तमान में इकाई का वार्षिक कारोबार लगभग 12 से 15 लाख रुपये तक पहुंच गया है। इस सूक्ष्म उद्यम के माध्यम से आठ स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और नियमित रोजगार मिल रहा है। इससे कई परिवारों को आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है।आजमगढ़ में स्थापित हो रही सूक्ष्म इकाइयां स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूत कर रही हैं। स्थानीय स्तर पर वस्त्र, खाद्य उत्पाद और तकनीकी सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने से पूंजी का प्रवाह जनपद के भीतर बना रहता है। इससे खुदरा व्यापारियों, पैकेजिंग से जुड़े लोगों और परिवहन क्षेत्र को भी सहायक व्यापारिक लाभ मिल रहा है।प्रदेश सरकार ने हर वर्ष एक लाख युवाओं को वित्त पोषित करते हुए आगामी 10 वर्षों में 10 लाख सूक्ष्म इकाइयां स्थापित करने का दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य की दिशा में आजमगढ़ में जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर ऋण मेलों, कार्यशालाओं और जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र युवाओं तक योजना का लाभ पहुंचाया जा सके।ऋण स्वीकृति के बाद नए उद्यमियों को व्यवसाय की स्थिरता के लिए तकनीकी मार्गदर्शन, वित्तीय प्रबंधन की जानकारी और बाजार से जुड़ाव में भी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे नई स्थापित इकाइयों के असफल होने के जोखिम को कम करने और उन्हें लंबे समय तक सक्षम बनाने में मदद मिल रही है।मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के माध्यम से आजमगढ़ में स्वरोजगार और स्वावलंबन का विस्तार सरकारी नीतिगत सहयोग, संस्थागत वित्त और युवाओं की कार्यकुशलता के समन्वय के रूप में सामने आ रहा है। योजना से युवा केवल अपनी आजीविका का साधन नहीं बना रहे, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास में भी भागीदार बन रहे हैं।

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