इस्कॉन नोएडा में श्रील प्रभुपाद आविर्भाव तिथि महामहोत्सव हुआ सम्पन्न, 3000 भक्तों ने लिया भाग

ब्यूरो चीफ / सत्य प्रकाश उपाध्याय
नोएडा, 5 सितंबर 2026। इस्कॉन के संस्थापकाचार्य कृष्णकृपामूर्ति श्री श्रीमद् ए. सी. भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद का आविर्भाव तिथि महामहोत्सव शनिवार को इस्कॉन नोएडा, गोविन्द धाम एवं भक्तिवेदान्त एकेडमी में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में करीब 3000 भक्तों एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
मुख्य उत्सव का शुभारंभ प्रातः 11 बजे हुआ। इस दौरान भजन, हरिनाम संकीर्तन तथा श्रील प्रभुपाद के जीवन, शिक्षाओं और विश्वभर में कृष्णभावनामृत आंदोलन के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान का स्मरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा।
वर्ष 1896 में कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) में जन्मे श्रील प्रभुपाद ने अपने गुरु महाराज श्रील भक्तिसिद्धान्त सरस्वती ठाकुर की आज्ञा को जीवन का लक्ष्य बनाते हुए पश्चिमी देशों में श्रीकृष्ण भक्ति और कृष्णभावनामृत का प्रचार करने का संकल्प लिया। वर्ष 1965 में वे मालवाहक जहाज से अमेरिका पहुँचे और वर्ष 1966 में अन्तर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (ISKCON) की स्थापना की।
श्रील प्रभुपाद ने भगवद्गीता, श्रीमद्भागवतम् सहित विभिन्न वैदिक ग्रंथों के माध्यम से श्रीकृष्ण भक्ति के संदेश को विश्वभर में पहुँचाया। अपने जीवन के अंतिम वर्षों में भी उन्होंने कृष्णभावनामृत के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर यात्राएँ कीं। मात्र 11 वर्षों में उन्होंने विश्वभर की 14 बार परिक्रमा की और अनेक देशों में कृष्णभावनामृत के 108 से अधिक केंद्र एवं मंदिर स्थापित किए।
आज उनके अनुयायी विश्वभर में हरिनाम संकीर्तन, भगवद्गीता एवं श्रीमद्भागवतम् के अध्ययन तथा कृष्णप्रसाद वितरण के माध्यम से श्रीकृष्ण भक्ति और कृष्णभावनामृत का संदेश आगे बढ़ा रहे हैं।
महामहोत्सव श्रील प्रभुपाद के जीवन, उनकी शिक्षाओं और मानव समाज के लिए उनके अतुलनीय योगदान के प्रति कृतज्ञता एवं श्रद्धा अर्पित करने का अवसर बना। भजन, कीर्तन और प्रसादम के साथ सम्पन्न हुआ यह आयोजन उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक रूप से प्रेरणादायक और स्मरणीय रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *