(कोरबा) एसईसीएल सुराकछार खदान में बड़ी चोरी: बाउंड्रीवाल फांदकर घुसे 10-15 बदमाश, गार्ड से मारपीट कर काट ले गए कॉपर केबल

(कोरबा) एसईसीएल सुराकछार खदान में बड़ी चोरी: बाउंड्रीवाल फांदकर घुसे 10-15 बदमाश, गार्ड से मारपीट कर काट ले गए कॉपर केबल
कोरबा 15 सितंबर (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एसईसीएल सुराकछार खदान की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए चोरी की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। 13 और 14 सितंबर की दरम्यानी रात करीब 2 से 2.30 बजे 10 से 15 अज्ञात लोग बाउंड्रीवाल फांदकर खदान परिसर में दाखिल हुए। आरोप है कि बदमाशों ने वहां तैनात सुरक्षा गार्ड के साथ गाली-गलौज और मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद खदान की चालू लाइन से करीब 30 से 40 मीटर कॉपर केबल काटकर फरार हो गए।
चोरी किए गए कॉपर केबल की अनुमानित कीमत करीब 50 से 55 हजार रुपये बताई जा रही है। घटना की शिकायत मिलने के बाद बांकी मोंगरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को पकड़ लिया।
जानकारी के मुताबिक, घटना 13-14 सितंबर की रात सुराकछार खदान के 3-4 इंकलाइन क्षेत्र में हुई। रात करीब 2 से 2.30 बजे के बीच बड़ी संख्या में लोग खदान परिसर में दाखिल हुए। आरोप है कि उन्होंने सुरक्षा गार्ड को डराया-धमकाया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपियों ने खदान की चालू लाइन से कॉपर केबल काटना शुरू किया। बदमाश करीब 30 से 40 मीटर केबल काटकर अपने साथ ले गए।
घटना की शिकायत के बाद बांकी मोंगरा पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस की कार्रवाई में कुल 10 आरोपियों को पकड़ा गया, जिनमें 7 नाबालिग बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, नाबालिग आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद सुधार गृह भेजा गया, जबकि बालिग आरोपियों को न्यायालय के आदेश के बाद जेल दाखिल कराया गया।
इस घटना ने एसईसीएल खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आधी रात को 10 से 15 लोगों का बाउंड्रीवाल फांदकर खदान परिसर में दाखिल होना, सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट करना और फिर चालू लाइन से बड़ी मात्रा में कॉपर केबल काटकर ले जाना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक की ओर इशारा करता है।
अब सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग खदान परिसर तक कैसे पहुंच गए और सुरक्षा व्यवस्था को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? खदान जैसे संवेदनशील क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जरूरत महसूस की जा रही है।
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