गंभीर हार्ट फेलियर से जूझ रही 77-वर्षीय महिला का मैक्स हॉस्पिटल, लखनऊ में उन्नत कार्डियक प्रक्रिया से हुआ सफल इलाज

गंभीर हार्ट फेलियर से जूझ रही 77-वर्षीय महिला का मैक्स हॉस्पिटल, लखनऊ में उन्नत कार्डियक प्रक्रिया से हुआ सफल इलाज

 

 

समय पर इलाज और आधुनिक पेसमेकर थेरेपी से मरीज की हालत में सुधार

 

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

 

लखनऊ।मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ के डॉक्टरों ने गंभीर हार्ट फेलियर और शरीर में ख़ून‌ के बहाव की गंभीर समस्या से जूझ रही 77-वर्षीय महिला का सफल इलाज किया। डॉक्टरों ने एडवांस्ड कार्डियक पेसिंग प्रक्रिया के जरिए मरीज की जान बचाई।

 

लखनऊ निवासी, श्रीमती नमिता श्रीवास्तव, पिछले लगभग एक महीने से लगातार तेज दिल की धड़कन, अनियमित होने, सांस फूलने, कमजोरी, चक्कर आने और लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं से परेशान थीं। वह पहले से हाई ब्लड प्रेशर और दिल के बढ़ने तथा कमजोर होने की मरीज थीं। उनके दिल की पंपिंग क्षमता काफी कम हो चुकी थी, जो हार्ट फेलियर का संकेत था। पिछले महीने वह कई बार घर पर बेहोश भी हो चुकी थीं।

 

बेहतर इलाज के लिए, श्रीमती नमिता श्रीवास्तव को मैक्स हॉस्पिटल, लखनऊ की इमरजेंसी में लाया गया। जांच में डॉक्टरों ने पाया कि उन्हें बार-बार एट्रियल फिब्रिलेशन की समस्या हो रही थी, जिसमें दिल की धड़कन अनियमित हो जाती है। इसके साथ ही उन्हें टैकी-ब्रेडी सिंड्रोम भी था, जिसमें दिल की धड़कन कभी बहुत तेज और कभी बहुत धीमी हो जाती है। उनकी स्थिति कार्डियोजेनिक शॉक तक पहुंच चुकी थी और किडनी पर भी असर पड़ने लगा था, जिससे यूरिन आउटपुट कम हो गया था। हालांकि दिल की धमनियां सामान्य थीं, लेकिन डॉक्टरों ने पाया कि दिल की इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर गंभीर असर पड़ा है। साथ ही उन्हें लेफ्ट बंडल ब्रांच ब्लॉक की समस्या भी थी, जिससे दिल के बाएं हिस्से तक इलेक्ट्रिकल सिग्नल पहुंचने में देरी हो रही थी और हार्ट फेलियर की स्थिति और गंभीर हो रही थी।

 

मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ के कार्डियोलॉजी विभाग के डायरेक्टर एवं यूनिट हेड – डॉ. दानिश हसन काज़मी के नेतृत्व में कार्डियोलॉजी टीम ने मरीज का सीआरटी-पी इम्प्लांटेशन किया। यह एक उन्नत पेसमेकर थेरेपी है, जो दिल के दोनों हिस्सों की धड़कन को एक साथ संतुलित कर दिल की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करती है।

 

प्रक्रिया के बाद मरीज की स्थिति में काफी सुधार देखा गया। दिल की धड़कन स्थिर हुई और हार्ट फेलियर के लक्षणों में भी राहत मिली। लगातार कार्डियक मॉनिटरिंग और अन्य जरूरी इलाज के बाद मरीज को स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

 

इस बारे में जानकारी देते हुए, डॉ. दानिश हसन काज़मी, ने कहा, “सीआरटी-पी जैसी उन्नत कार्डियक रिदम मैनेजमेंट थेरेपी सही समय पर किए जाने पर हार्ट फेलियर के मरीजों की जिंदगी और जीवन की गुणवत्ता में बड़ा सुधार ला सकती है। खासतौर पर बुजुर्ग मरीजों में सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज होना, चक्कर आना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखें तो समय पर जांच और इलाज बेहद जरूरी है।”

 

यह जटिल कार्डियक केस का सफल इलाज मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ की उन्नत और मरीज केंद्रित कार्डियक सेवाओं को दर्शाता है। अस्पताल आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ क्षेत्र में गंभीर और जटिल हृदय रोगों के इलाज की सुविधाओं को लगाता

र मजबूत कर रहा है।

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