गर्मी के दिनों में बाहर के खाद्य पदार्थों से करें परहेज डॉक्टर – गौरव श्रीवास्तव
(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ)
अयोध्या।इस समय सुबह से ही गर्मी प्रचंड रूप से अपना असर दिखाई दे रही है और दोपहर होते-होते गर्मी इस कदर बढ़ जा रही है की लोगों को बाहर निकालने के लिए सोचना पड़ रहा है।लू भी प्रचंड रूप से चल रही है। इस समय लोगों को को तथा गर्मी से बचने के लिए क्या उपाय करने चाहिए किस तरह के खाद्य पदार्थ का सेवन करें इस संबंध में जिले के प्रसिद्ध ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर गौरव श्रीवास्तव से खास बातचीत की गई। बातचीत में उन्होंने लोगों से अपील किया कि अप्रैल माह से प्राय गर्मी आ जाती है और मई,जून में इसका असर काफी और अधिक दिखाई देता है इसके लिए हम सभी को सावधानी बरतनी होगी। गर्मी से बचाव हेतु उन्होंने लोगों से अपील किया कि कोशिश यही करें कि अगर बहुत जरूरत रहे तभी लोग प्रातः 10:00 बजे के बाद अपने-अपने घरों से निकले अगर किसी को बहुत जरूरी कार्य हो तो पूरे आस्तीन के कपड़े पहने टोपी व गमछे से शहर को ढके रखें कोशिश यही रहे सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 के बीच छोटे बच्चों गर्भवती महिलाएं व बुजुर्ग को बाहर न निकलने दे।बताया कि गर्मी के दौरान होने वाली प्रमुख बीमारियों मे लू लगना,डिहाइड्रेशन (पानी की कमी),फूड पॉइजनिंग डायरिया (दस्त) और उल्टी,त्वचा रोग (घमौरियां,फंगल इन्फेक्शन),सनबर्न (त्वचा जलना) शाहिद बेहोशी जैसे अन्य रोग भी उत्पन्न हो जाते हैं। बताया कि लोगों को इन बीमारियों से बचने के लिए कोशिश करें कि सुबह 10:00 बजे से शाम 5 बजे तक धूप में निकलने से बचें।हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें।सिर को (टोपी/गमछा, दुपट्टे) या अन्य कपड़ों से ढक कर रहे।धूप में छातें का प्रयोग करें।बार-बार पानी पिएं और ना प्यास लगे तब भी जबरदस्ती भी पानी पिए जिससे कि आपके शरीर में गर्मी के दौरान पानी पर्याप्त मात्रा में हो। उन्होंने लोगों से यह भी अपील किया कि गर्मी के दिनों में खान-पान पर भी विशेष ध्यान रखें कोशिश यह करेंगे घर से बना हुआ खाद्य पदार्थों का ही सेवन करें बाहर के खाद्य पदार्थो, बासी तथा दूषित खाद्य पदार्थ व खुले खाद्य पदार्थों से परहेज करें।वही ज्यादा से ज्यादा पानी, ORS, नींबू पानी, छाछ लें।फल-सब्जियों को धोकर ही खाएं।इस दौरान ओआरएस के घोल का सेवन डिहाइड्रेशन में सबसे जरूरी है।बुखार या कमजोरी लगे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करे।लू लगने पर मरीज को ठंडी जगह रखें।शरीर को गीले कपड़े से पोंछें।तुरंत मेडिकल सहायता लें।दस्त/उल्टी होने पर ओआरएस,जिंक की दवा तथा जरूरत पड़े तो चिकित्सकों की सलाह पर एंटीबायोटिक दवा ले।

