ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय
गाजियाबाद : गाजियाबाद जिले के ट्रोनिका सिटी क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बने अवैध धार्मिक ढांचे (मजार) को रविवार को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान चार बुलडोजरों की मदद ली गई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 650 पुलिसकर्मियों के साथ दो कंपनी पीएसी तैनात रही। लगभग चार घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पूरे निर्माण को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
प्रशासन के अनुसार, यह मजार ट्रांस दिल्ली औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-सी-8 स्थित यूपीसीडा की भूमि पर बनी थी। अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान इस स्थान पर रातोंरात गुंबदनुमा निर्माण कर लिया गया था। इससे पहले यहां केवल एक चबूतरा मौजूद था।
जांच में सरकारी जमीन पर मिला निर्माण
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि संबंधित भूमि का अधिग्रहण 23 नवंबर 1989 को यूपीसीडा द्वारा किया गया था। समय के साथ यहां चबूतरे के चारों ओर निर्माण होता गया और बाद में स्थायी ढांचा खड़ा कर दिया गया। शिकायत मिलने पर राजस्व विभाग और प्रशासन ने जांच कराई, जिसमें निर्माण को सरकारी भूमि पर पाया गया।
यूपीसीडा के वरिष्ठ प्रबंधक एन.के. जैन के अनुसार, दिसंबर 2025 में अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित समय में कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान एडीएम सिटी विकास कश्यप, एसडीएम लोनी दीपक सिंगनवाल, यूपीसीडा की परियोजना अधिकारी शर्मिला पटेल सहित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आसपास के थानों, पुलिस लाइन और पीएसी की तैनाती की गई।
प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में यूपीसीडा की संपत्ति के रूप में दर्ज है और वहां बने धार्मिक ढांचे का कोई वैध राजस्व रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था।
हाल के दिनों में अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई
इससे पहले 16 जून को भी गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के ग्राम कुशलिया में सरकारी भूमि पर बने एक मदरसे को प्रशासन ने अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्त किया था। जिला प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे या निर्माण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

