रेलवे महाप्रबंधक अशोक कुमार मिश्र ने मुख्यालय और मंडल के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय से पूरा करें। दोहरीकरण परियोजनाओं को पूरा करते समय स्टेशनों पर सुविधाओं का विशेष ख्याल रखें। इस काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वह सोमवार को महाप्रबंधक कार्यालय सभागार में पूर्वोत्तर रेलवे में चल रहे कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने दोहरीकरण, तीसरी लाइन निर्माण, नई लाइन निर्माण, बाईपास लाइन, आमान परिवर्तन सहित यातायात सुविधाओं में सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में पूछा। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे के 10 रेलमार्गों का दोहरीकरण हो रहा है। दो मार्गों पर तीसरी लाइन बिछ रही है। सात रेलमार्गों का आमान परिवर्तन कर छोटी से बड़ी लाइन के रूप में विस्तार किया जा रहा है। दो मार्गों पर नई तथा दो पर बाईपास नई रेल लाइन बिछाई जा रही है।
इनमें मल्लौर-डालीगंज, छपरा-बलिया, बलिया-गाजीपुर, सीतापुर-बुढ़वल, गोरखपुर-नकहा, गोरखपुर-बाल्मीकि नगर, भटनी-औड़िहार, वाराणसी- प्रयागराज, इंदारा-फेफना, मऊ-शाहगंज और औड़िहार-जौनपुर रूट का दोहरीकरण, कुसम्ही-डोमिनगढ़ और गोंडा-बुढ़वल रूट पर तीसरी लाइन, इंदारा-दोहरीघाट, बहराइच-नानपारा-नेपालगंज, शाहगढ़-पीलीभीत मार्ग का आमान परिवर्तन तथा बहराइच-खलीलाबाद और गाजीपुर-ताड़ीघाट मार्ग पर नई रेल लाइन, भटनी-पिवकोल बाईपास लाइन, ऐशबाग-मानकनगर बाईपास शामिल हैं। बैठक में लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल के रेल प्रबंधकों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।

