मा0 प्रधानमंत्री जी भारत सरकार द्वारा आज जनपद हरदोई के तहसील बिलग्राम निकट मल्लावा कट के निकट आयोजित कार्यक्रम में रुपए 36230 करोड़ की लागत से निर्मित उत्तर प्रदेश के सबसे विराट 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का बटन दबाकर किया लोकापर्ण
चहंमुखी विकास एवं युवाओं के रोजगार सृजन का आधार बनेगा गगां एक्सप्रेस-वेः-मा0 प्रधानमंत्री जी
विराट गंगा एक्सप्रेस-वे, बनेगा यूपी के विकास की नई लाइफ लाइनः- मा0 प्रधानमंत्री जी
गंगा एक्सप्रेसवे से कम समय में बड़े बाज़ारों तक होगी पहुँच, किसानो की आय मे होगी वृद्विः-मा0 प्रधानमंत्री
उत्तर प्रदेश बना निवेश का हब खुलेगे, रोजगार के नये अवसरः-मा0 प्रधानमंत्री जी
एक्प्रेस-वे विकसित होते भारत की हस्त रेखायें है, ये रेखाये करेगी भारत की उज्जवल भविष्य का जयघोष
आज माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार जी द्वारा जनपद हरदोई के तहसील बिलग्राम निकट मल्लावा कट में आयोजित कार्यक्रम में रुपए 36230 करोड़ की लागत से निर्मित उत्तर प्रदेश के सबसे विराट 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का बटन दबाकर लोकापर्ण किया गया। कार्यक्रम स्थल पर पहुचकर सवप्रर्थम गंगा एक्सप्रेस-वे का आवलोकन किया गया और हरि शंकरी उपवन में वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम स्थल पर गंगा एक्सप्रेस-वे से संबंधित प्रर्दशनी का आवलोकन किया। इसके उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय प्रधानमंत्री जी ने कहा कि सर्वप्रथम, मैं भगवान नरसिंह की इस पुण्य भूमि को प्रणाम करता हूं। यहां से कुछ किलोमीटर की दूरी पर मां गंगा कृपा बहाती हुई गुजरती है। इसलिए, ये पूरा क्षेत्र ही तीर्थ से कम नहीं है। और मैं मानता हूं यूपी को एक्सप्रेसवे का ये वरदान, ये भी मां गंगा का ही आशीर्वाद है। अब आप कुछ ही घंटों में संगम भी पहुंच सकते हैं, और काशी में बाबा के दर्शन करके भी वापस आ सकते हैं। मा0 प्रधानमंत्री जी ने कहा कि जैसे मां गंगा हजारों वर्षों से यूपी की और इस देश की जीवन रेखा रही है, वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में, उनके समीप से गुजरता ये एक्सप्रेसवे, ये यूपी के विकास की नई लाइफ लाइन बनेगा। ये भी अद्भुत संयोग है कि पिछले चार-पांच दिनों में, मैं मां गंगा के सानिध्य में ही रहा हूं। आज सुबह ही फिर बाबा विश्वनाथ, मां अन्नपूर्णा और मां गंगा के दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। और अब मां गंगा के नाम पर बने इस एक्सप्रेसवे के लोकार्पण का अवसर मिला है। मुझे खुशी है कि यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेसवे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है। इसमें विकास का हमारा विजन भी झलकता है, और हमारी विरासत के भी दर्शन होते हैं। मैं यूपी के करोड़ों लोगों को गंगा एक्सप्रेसवे की बधाई देता हूं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश के तेज विकास के लिए हमें तेजी से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का भी निर्माण करना है। दिसम्बर 2021 में गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास करने मैं शाहजहाँपुर आया था। अभी 5 साल से भी कम समय हुआ है, और आप देखिए, देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवेज में शुमार यूपी का सबसे लंबा ग्रीन कॉरिडॉर एक्सप्रेसवे, ये 5 साल के भीतर-भीतर बनकर तैयार हो गया है, और आज हरदोई से इसका लोकार्पण भी हो रहा है। मा0 प्रधानमंत्री जी ने कहा कि एक ओर गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा हुआ है, तो साथ ही, इसके विस्तार की योजना पर काम भी शुरू हो गया है। जल्द ही, गंगा एक्सप्रेसवे, मेरठ से आगे बढ़कर हरिद्वार तक पहुंचेगा। इसके और बेहतर उपयोग के लिए फ़र्रुख़ाबाद लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कर, इसे अन्य एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ ही दिन पहले मुझे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण का अवसर मिला था। तब मैंने कहा था कि ये नए बनते एक्सप्रेसवे, विकसित होते भारत की हस्तरेखाएं हैं और ये आधुनिक हस्तरेखाएं, आज भारत के उज्ज्वल भविष्य का जयघोष कर रही हैं। उन्होने कहा कि अब वो दौर चला गया, जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतज़ार करना पड़ता था! एक बार घोषणा हो गई, तो वर्षों तक फाइलें चलतीं थीं! चुनाव के लिए पत्थर लग जाता था, उसके बाद सरकारें आती रहतीं थीं, जाती रहतीं थीं, लेकिन, काम का कुछ अता-पता नहीं लगता था। कभी-कभी तो पुराने फाइलें ढूंढने के लिए बड़े-बड़े अफसरों को दो-दो साल तक मेहनत करनी पड़ती थी। डबल इंजन सरकार में शिलान्यास भी होता है, और तय समय में लोकार्पण भी होकर के रहता है। इसलिए ही, आज यूपी के एक्सप्रेसवेज़ से भी ज्यादा रफ्तार अगर कहीं है, तो वो यूपी के विकास की रफ्तार ही है। मा0 प्रधानमंत्री जी ने कहा कि ये एक्सप्रेसवे केवल एक हाइस्पीड सड़क नहीं है। ये नई संभावनाओं का, नए सपनों का, नए अवसरों का गेटवे है। गंगा एक्सप्रेसवे करीब 600 किलोमीटर लंबा है। पश्चिमी यूपी में मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, सम्भल और बदायूँ। मध्य यूपी में शाहजहाँपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली। पूर्वी यूपी में प्रतापगढ़ और प्रयागराज, इनके आस पास के दूसरे जिले, गंगा एक्सप्रेसवे, इससे इन इलाकों के करोड़ों लोगों का जीवन बदलेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे से कम समय में बड़े बाज़ारों तक होगी पहुँच, किसानो की आय मे होगी वृद्वि रोजगार के खुलेगे नये अवसर
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों को गंगा जी और उनकी सहायक नदियों की उपजाऊ मिट्टी का वरदान मिला है। लेकिन, पहले की सरकारों ने जिस तरह किसानों की उपेक्षा की, उसके कारण किसान परेशानियों में ही घिरकर के रह गए! यहाँ के किसानों की फसलें बड़े बाज़ारों तक नहीं पहुँच पाती थीं। कोल्ड स्टोरेज की कमी थी। लॉजिस्टिक्स का अभाव था। किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिलता था। अब उन कठिनाइयों का समाधान भी तेजी से होगा। गंगा एक्सप्रेसवे से कम समय में बड़े बाज़ारों तक पहुँच मिलेगी। यहाँ खेती के लिए जरूरी इनफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा। इससे हमारे किसानों की आय बढ़ेगी।
गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के एक छोर को दूसरे छोर से तो जोड़ता ही है। ये छब्त् की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे पर गाड़ियाँ तो दौड़ेंगी ही, इसके किनारे नए औद्योगिक अवसर विकसित होंगे। इसके लिए हरदोई जैसे दूसरे जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडॉर विकसित किए जा रहे हैं। इससे हरदोई, शाहजहाँपुर, उन्नाव समेत सभी 12 जनपदों में नए उद्योग आएंगे। अलग-अलग सेक्टर्स जैसे फार्मा, टेक्सटाइल आदि के क्लस्टर्स विकसित होंगे। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।
मा0 प्रधानमंत्री जी ने कहा कि हमारे ये युवा मुद्रा योजना और व्क्व्च् जैसी योजनाओं, उसकी ताकत से खुद भी नए-नए कीर्तिमान गढ़ रहे हैं। यहाँ छोटे उद्योग, डैडम्े को बढ़ावा मिल रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा से उनके लिए भी नए रास्ते खुलेंगे। मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री, संभल का ींदकपबतंजि, बुलंदशहर के सिरेमिक, हरदोई का हैंडलूम, उन्नाव का लेदर, प्रतापगढ़ के आंवला प्रॉडक्ट्स, ये सब बड़े स्केल में देश दुनिया के मार्केट में पहुंचेगे। लाखों परिवारों की इससे आमदनी बढ़ेगी। आप मुझे बताइए, क्या पुरानी सपा सरकार में हरदोई, उन्नाव जैसे जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडॉर बनाने की कल्पना तक हो सकती थी क्या? हमारे हरदोई से भी एक्सप्रेसवे गुजरेगा, ये कोई सोच सकता था क्या कभी? ये काम केवल भाजपा सरकार में ही संभव है।
मा0 प्रधानमंत्री जी ने कहा कि पहले यूपी को पिछड़ा और बीमारू प्रदेश कहा जाता था। वही उत्तर प्रदेश, आज 1 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने के लिए आगे बढ़ रहा है। ये एक बहुत बड़ा लक्ष्य है। लेकिन, इसके पीछे उतनी ही बड़ी तैयारी भी है। क्योंकि, यूपी के पास इतनी असीम क्षमता है। यूपी में नए उद्योग और कारखाने लगेंगे, यहाँ जब बड़ी मात्रा में निवेश आएगा, तभी यहाँ आर्थिक प्रगति के दरवाजे खुलेंगे, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसी विज़न को केंद्र में रखकर बीते वर्षों में लगातार काम हुआ है। आप सब खुद भी महसूस कर रहे हैं, जिस यूपी की पहचान पहले पलायन से होती थी, आज उसे इन्वेस्टर्स समिट और इंडस्ट्रियल कॉरिडॉर के लिए जाना जा रहा है। यूपी की इन्वेस्टर समिट में देश और दुनिया से कंपनियाँ आतीं हैं। यूपी में हजारों करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है। आज अगर भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है तो, उसमें बहुत बड़ा योगदान यूपी का है। आज भारत जितने मोबाइल बना रहा है, उसमें आधे मोबाइल हमारे यूपी में बन रहे हैं। अभी कुछ ही हफ्ते पहले, मैंने नोएडा में सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास भी किया है। आप सब जानते हैं, एआई के इस दौर में, सेमीकंडक्टर कितनी बड़ी फील्ड बनती जा रही है। यूपी उसमें भी लीड लेने के लिए आगे बढ़ रहा है। भविष्य में असीम अवसरों वाला बहुत बड़ा क्षेत्र यूपी के लोगों के लिए खुल रहा है।
उत्तर प्रदेश बन रहा है, औद्योगिक विकास का हब
उत्तर प्रदेश का औद्योगिक विकास आज भारत की सामरिक ताकत भी बन रहा है। आज देश के दो डिफेंस कॉरिडॉर्स में से एक यूपी में है। बड़ी-बड़ी डिफेंस कंपनियाँ यहाँ अपनी फ़ैक्टरी लगा रहीं हैं। ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें, जिनका लोहा दुनिया मानती है, आज वो यूपी में बन रहीं हैं। रक्षा उपकरणों के निर्माण में जो छोटे-छोटे पार्ट्स चाहिए होते हैं, उनकी सप्लाइ के लिए डैडम्े को काम मिलता है। इसका बहुत बड़ा लाभ उत्तर प्रदेश के डैडम् सेक्टर को हो रहा है। छोटे-छोटे जिलों में भी अब युवा बड़े-बड़े उद्योगों से जुड़ने का सपना देख सकते हैं। आज उत्तर प्रदेश इतनी तेज गति से विकास कर रहा है, क्योंकि, यूपी ने पुरानी सियासत को भी बदला है, और नई पहचान भी बनाई है। आप याद करिए, एक समय यूपी की पहचान गड्ढों से होती थी। आज वही यूपी, देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवेज वाला प्रदेश बन चुका है। पहले यहाँ पड़ोस के जिले तक जाना भी बड़ा मुश्किल था। लेकिन आज उत्तर प्रदेश में 21 एयरपोर्ट हैं, 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। अब तो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भी हो चुका है। गंगा एक्सप्रेसवे से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कुछ ही घंटों की दूरी पर है।
उत्तर प्रदेश कानून व्यवस्था का देश के लिये बना मिसाल
इस अवसर पर मा0 प्रधानमंत्री जी ने कहा कि हमारा उत्तर प्रदेश भगवान राम और भगवान कृष्ण की धरती है। लेकिन, पिछली सरकारों ने अपनी करतूतों के कारण अपराध और जंगलराज को यूपी की पहचान बना दिया था। यूपी के माफियाओं पर फिल्में बनतीं थीं। लेकिन, अब यूपी की कानून व्यवस्था का देश भर में उदाहरण दिया जाता है।
आज देश एक ही संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है-विकसित भारत का संकल्प!
इस अवसर पर मा प्रधानमंत्री जी ने कहा कि आज देश एक ही संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है-विकसित भारत का संकल्प! इस संकल्प को पूरा करने में उत्तर प्रदेश की बहुत बड़ी भूमिका है। आप सब देख रहे हैं, आज पूरी दुनिया कैसे युद्ध, अशांति और अस्थिरता में फंसी हुई है। दुनिया के बड़े-बड़े देशों में हालात खराब हैं। लेकिन, भारत विकास के रास्ते पर उसी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। हम आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। हम आधुनिक से आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहे हैं। गंगा एक्सप्रेसवे इसी दिशा में एक और मजबूत कदम है। मुझे विश्वास है, गंगा एक्सप्रेसवे, जिन संभावनाओं को हमारे दरवाजे तक लेकर आएगा, यूपी के लोग अपने परिश्रम और अपनी प्रतिभा से उन्हें साकार करके रहेंगे। इसी संकल्प के साथ, आप सभी को एक बार बहुत-बहुत बधाई। बहुत-बहुत धन्यवाद!।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के सबसे बड़े गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा रखी गई आधारशिला आज साकार रूप ले चुकी है। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे अन्नदाता किसानों की उन्नति, युवाओं के रोजगार, आस्था व संस्कृति के संरक्षण तथा उत्तर प्रदेश की समृद्धि का प्रमुख माध्यम साबित होगा। मेरठ से प्रयागराज तक फैले इस आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर ने 12 जनपदों के एक लाख से अधिक किसानों के योगदान से आकार लिया है। एक्सप्रेसवे के साथ-साथ 27 स्थानों पर इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जो न केवल आवागमन को तेज करेंगे बल्कि नए निवेश और रोजगार के द्वार भी खोलेंगे। डबल इंजन सरकार की दूरदर्शिता का प्रतीक यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि जिस परियोजना का शिलान्यास होगा, उसका उद्घाटन भी सुनिश्चित किया जाएगा।’
कोविड संकट में भी नहीं थमी रफ्तार
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों से प्रदेश के इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ का भव्य उद्घाटन आज संपन्न हो रहा है। प्रधानमंत्री जी ने दिसंबर 2021 में जिस एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखी थी, आज वही परियोजना लोकार्पण के साथ साकार रूप ले रही है। सीएम योगी ने हरदोई की पावन धरती को भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद और नरसिंह अवतार से जुड़ी आस्था की भूमि बताते हुए कहा कि इसी पवित्र स्थल पर यह ऐतिहासिक अवसर प्राप्त होना गौरव का विषय है। कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर में भी भूमि अधिग्रहण से लेकर निर्माण कार्यों को निरंतर गति देने और समयबद्ध तरीके से परियोजना को पूरा करने का जो विजन प्रधानमंत्री जी ने प्रदेश को दिया था, आज वह पूरी तरह साकार होकर हमारे सामने है।
2017 से पहले प्रदेश में विकास, रोजगार और निवेश की कल्पना भी मुश्किल थी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब देश ‘नए भारत’ की परिकल्पना को साकार होते देख रहा है, तब ‘नए उत्तर प्रदेश’ में विकसित हो रहा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर न केवल आवागमन को सुगम बना रहा है, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को स्पष्ट नीति, साफ नीयत और प्रभावी क्रियान्वयन के साथ धरातल पर उतारने का परिणाम है। 2017 से पहले प्रदेश परिवारवाद, जातिवाद, दंगों, अराजकता, कर्फ्यू और माफिया राज के माहौल से जकड़ा हुआ था, जहां विकास, रोजगार और निवेश की कल्पना भी मुश्किल थी। लेकिन पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, हाईवे, जिला मार्गों और ग्रामीण सड़कों का लगभग चार लाख किलोमीटर का विशाल नेटवर्क विकसित हुआ है। इसके साथ ही इंटरस्टेट कनेक्टिविटी को मजबूत करते हुए हर जिला मुख्यालय को चार लेन और प्रत्येक ब्लॉक व तहसील मुख्यालय को चार लेन व दो लेन सड़कों से जोड़ने का कार्य भी सफलतापूर्वक किया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर की नई पहचानरू कनेक्टिविटी से समृद्धि तक
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की पहली रैपिड रेल का दिल्ली-मेरठ के बीच उद्घाटन कर प्रधानमंत्री जी ने दूरियों को सिमटाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। उत्तर प्रदेश की अपार संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए किए गए प्रयास आज जमीन पर एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल, इनलैंड वॉटरवेज, मेट्रो और रेलवे के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के रूप में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं, जो डबल इंजन सरकार की ताकत का प्रमाण हैं। प्रदेश में विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे केवल दूरी कम करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके साथ डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर जैसे बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट भी जुड़े हैं। यही कारण है कि ये एक्सप्रेसवे अन्नदाता किसानों की उन्नति, युवाओं के रोजगार, आस्था और संस्कृति के संरक्षण तथा प्रदेश की समग्र समृद्धि के सशक्त माध्यम बनकर उभर रहे हैं।
एक लाख से अधिक किसानों का सीएम ने जताया आभार
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के साथ 27 स्थानों पर इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जो प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए द्वार खोलेंगे। 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए लगभग 18,000 एकड़ भूमि अन्नदाता किसानों से प्राप्त की गई है, जबकि इसके किनारे विकसित होने वाले इंडस्ट्रियल क्लस्टर और लॉजिस्टिक हब के लिए करीब 7,000 एकड़ अतिरिक्त भूमि ली गई है। मेरठ से प्रयागराज तक फैले 12 जनपदों में एक लाख से अधिक किसानों ने भूमि उपलब्ध कराकर इस परियोजना को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं। इसी सहभागिता और पारदर्शी भूमि अधिग्रहण नीति का परिणाम है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना आज पूर्ण होकर तैयार है। इसका शिलान्यास प्रधानमंत्री जी ने किया था और इसका उद्घाटन भी उनके ही कर-कमलों द्वारा संपन्न हो रहा है।
इस अवसर पर महामहिम उत्तर प्रदेश राज्यपाल महोदया आनंदीबेन पटेल जी, उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक जी उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जी, राज्यमंत्री वित्त भारत सरकार पंकज चौधरी, केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, मंत्री वित्त एवं संसदीय कार्य सुरेश खन्ना, मंत्री औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई, तथा निवेश प्रोत्साहन उ0प्र0 नन्द गोपाल गुप्ता, ‘नन्दी‘, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार आबकारी एवं मद्यनिषेद उ0प्र0 नितिन अग्रवाल, राज्य मंत्री स्वंतत्र प्रभार समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण असीम अरूण, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार सहकारिता जयेन्द्र प्रताप सिंह राठौर, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार पिछडा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांग जन सशक्तीकरण नरेन्द्र कुमार कश्यप, राज्य मंत्री संसदीय कार्य तथा औद्योगिक विकास जसवंत सिंह सैनी, राज्य मंत्री उच्च शिक्षा रजनी तिवारी, सहित सम्बन्धित जन प्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहें।
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