प्रशासनिक और पुलिस सेवा की तर्ज पर पूरे देश की निचली अदालतों में जजों की नियुक्ति के लिए न्यायिक सेवा के गठन का मामला खटाई में पड़ता दिख रहा है. इस सेवा को लेकर अधिकतर राज्य और हाई कोर्ट ने इनकार ही किया है. न्यायिक सेवा से इनकार करने वाले राज्य और हाई कोर्ट का आंकड़ा 99% है. सिर्फ 1% राज्यों ने ही इसमें हामी भरी है.
केंद्रीय विधि और न्याय मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक अभी सिर्फ 2 राज्य ही इसके पक्ष में हैं जबकि 8 राज्यों ने साफ इनकार कर दिया है. तेरह राज्यों ने इस पर कोई जवाब ही नहीं दिया है. 5 राज्य जजों की नियुक्ति की मौजूदा व्यवस्था में कुछ बदलाव चाहते हैं. न्यायिक सेवा के गठन को लेकर हाई कोर्ट की बात करें तो तेरह हाई कोर्ट ने इससे साफ इनकार कर दिया है. वहीं सिर्फ 2 ने हामी भरी है जबकि 6 हाई कोर्ट इसमें बदलाव चाहते हैं. वहीं 2 हाई कोर्ट की तरफ से इस पर कोई जवाब ही नहीं आया.

