जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों पर प्राथमिकता पर हो रही कार्यवाही,निस्तारित हो रही जन की समस्याएं
(डॉ अजय तिवारी जिला संवाददाता)
अयोध्या।डीएम शशांक त्रिपाठी ने कलेक्ट्रेट कक्ष में आयोजित जनता दर्शन में आमजन की समस्याएं एवं शिकायतें सुनीं।जनता दर्शन में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने भूमि विवाद, राजस्व, पुलिस, विद्युत, पेयजल, आवास, पेंशन एवं अन्य जनसमस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए,जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का गुणवत्ता पूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इसी कड़ी में दर्शन के दौरान बभनिया सोहावल निवासी कृष्णाराम निषाद द्वारा चकमार्ग पर अतिक्रमण मुक्त कराने हेतु उच्च अधिकारियों से जांच एवं विधिक कार्यवाही किये जाने हेतु अनुरोध किया गया था।जिस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सोहावल व एस.एच.ओ. रौनाही को प्रकरण को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया था, तत्क्रम में गठित टीम द्वारा कार्यवाही करते हुये चकमार्ग पर लगे पेड़ो को कटवाकर चकमार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराया गया साथ ही काटे गये पेड़ के संबंध में हल्का लेखपाल के तरफ से मु0अ0सं0 183/2026 धारा 2/3 लोक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम बनाम अज्ञात लकड़ी ठेकेदार के विरूद्ध थाना रौनाही में अभियोग पंजीकृत कराया गया है। इसके साथ ही शिवनगर कॉलोनी पहाड़गंज श्री अजय कुमार जायसवाल द्वारा पारिवारिक विवाद के संबंध में अनुरोध किया गया था, जिस पर जिलाधिकारी ने एस.एच.ओ. नगर को निस्तारण के निर्देश दिये, तत्क्रम में संबंधित द्वारा आवेदक एवं विपक्षी में घर के बटवारे को लेकर कहासुनी के बाद आपसी समन्वय के साथ बटवारा करा कर निस्तारित कराया गया। इसी कडी में सोनौरा सदर निवासियों द्वारा जल निकासी की व्यवस्था व खलिहान को सुरक्षित रखे जाने हेतु अनुरोध किया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी मया व एस.एच.ओ. गोशाईगंज को प्रकरण के निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया, तत्क्रम में कार्यवाही करते हुये ग्राम प्रधान द्वारा जल भराव स्थलों पर सोख्ता निर्माण का कार्य करा कर शिकायत का निस्तारण कराया गया है।डीएम ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि आमजन की समस्याओं का समाधान पारदर्शिता, समयबद्धता एवं संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब न हो तथा प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से परीक्षण करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा
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