जन्म जयंती की पूर्व संध्या पर याद किये गये फ़िराक़ गोरखपुरी
हिन्दुस्तानी एकेडेमी उ0प्र0, प्रयागराज के तत्वावधान में मुशायरा का आयोजन
प्रयागराज। हिन्दुस्तानी एकेडेमी उ0प्र0, प्रयागराज के तत्वावधान में फ़िराक़ गोरखपुरी के जन्म जयंती की पूर्व संध्या पर गुरूवार को मुशायरा का आयोजन किया गया। मुशायरा का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती जी की प्रतिमा तथा फ़िराक़ गोरखपुरी के चित्र पर माल्यापर्ण के साथ हुआ।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में सम्मानित शोअरा का स्वागत शाॅल, पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिह्न प्रदान कर एकेडेमी की कोषाध्यक्ष पायल सिंह ने किया। मुशायरे की सदारत करते हुए वरिष्ठ शायर डाॅ. फ़ाज़िल अहसन हाशमी, एसोसिएट प्रोफेसर, उर्दू विभाग लखनऊ विवि, लखनऊ ने कहा कि फ़िराक़ की शायरी इश्क़ का काव्यशास्त्र है जो आइन-ए- हयातों कायनात है।
मुशायरे की निजामत युवा शायर कुमार विकास ने किया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों का स्वागत करते हुए एकेडेमी की कोषाध्यक्ष पायल सिंह ने कहा फिराक साहब केवल उर्दू शायरी के बड़े नाम नहीं थे, बल्कि वे भारतीय गंगा-जमुनी तहजीब, प्रेम, मानवीय संवेदना और सांस्कृतिक सौहार्द के सशक्त स्वर थे। श मुशायरे में डाॅ. फ़ाज़िल अहसन हाशमी, लखनऊ, एम. एस. खान (प्रयागराज), डाॅ. नीलिमा मिश्रा (प्रयागराज), डाॅ. प्रीता बाजपेयी (प्रयागराज), तरन्नूम नाज (फतेहपुर), शैलेन्द्र मुधुर (प्रयागराज), मखदूम फूलपुरी (प्रयागराज), अतिया नूर (प्रयागराज), कुमार विकास (कौशाम्बी) मिस्वाह इलाहाबादी (प्रयागराज) ने अपने कलाम पेश कर मशहूर गज़लकार फ़िराक़ को याद किया।

