जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह की उपस्थिति में आज विकास खंड रामपुर में भूसा दान महाभियान के अंतर्गत 135 कुंतल भूसा दान किया गया।
जिसमें राजकुमार कुमार सिंह समाजसेवी द्वारा 35 कुंतल, ग्राम प्रधान कोचरी द्वारा 20 कुंतल, राम सिंह पटेल द्वारा 18 कुंतल, वीरेंद्र प्रसाद द्वारा 15 कुंतल, ग्राम प्रधान भानपुर 15 कुंतल, विश्वजीत गिरी द्वारा 20 कुंतल भूसा विकास खंड की अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल सिधवन ,पचरुखी जालिम सिंह एवं पूराजीवन हेतु दान किया गया।
इस दौरान जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा भूसा गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर गौशालाओं के लिए रवाना किया गया।
सभी दानदाताओं को जिलाधिकारी द्वारा अंगवस्त्रम एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी ने सभी संभ्रांतजन, कृषकों से अपील किया कि इस पुनीत कार्य में अवश्य सहयोग करे, और अपने सामर्थ्य के अनुसार भूसा दान अवश्य करें।
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जौनपुर 18 अप्रैल 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-03
जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय शुल्क के विनियमन अधिनियम 2018 के संदर्भ में जनपद के समस्त मान्यता प्राप्त सीबीएसई बोर्ड, आईसीएसई बोर्ड, यूपी बोर्ड की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।
जिलाधिकारी ने सभी को संबोधित करते हुए निर्देश दिया कि बिना फिटनेस के कोई भी वाहन संचालित नहीं होना चाहिए, बिना फिटनेस वाले संचालित वाहनों पर कार्यवाही की जाए। स्कूली वाहनों में बच्चों की ओवरलोडिंग ना हो। वाहन फिटनेस के संदर्भ में अधिनियम के अंतर्गत शासनादेश की परिधि में परीक्षण करते हुए नोटिस दे। प्रत्येक स्कूल बस फिटनेस जांच के उपरांत ही चले, स्कूल में वाहन पार्किंग की व्यवस्था अवश्य हो।
विद्यालय प्रबंधन किसी बच्चे के अभिभावक को ड्रेस अथवा किताब खरीदने के लिए किसी निश्चित दुकान से ही खरीदने को बाध्य ना करें, वाहन फिटनेस दिए गए संबंधित पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए।
विद्यालय समिति निर्धारित शासनादेश के अनुसार संबंधित विद्यालय शिक्षण शुल्क शासनादेश में दिए गए प्रावधान के अनुसार ही ले। विद्यालय वाहन के संदर्भ में जनपद में कुल 6184 विद्यालय हैं, सभी को फिटनेस सहित अन्य के संबंध में निर्धारित प्रारूप पर शपथ पत्र देने के निर्देश दिए गए इसके साथ ही संबंधित पोर्टल पर विद्यालय का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने निर्देश दिए कि वाहन चालकों का सत्यापन अवश्य कराया जाए, विद्यालय स्तर पर विद्यालय सुरक्षा समिति अनिवार्य रूप से गठन किया जाए।
जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि जिला शुल्क समिति का गठन किया जाए शासनादेश का उल्लंघन करने वालो के संदर्भ में निर्देशित किया कि पहली बार उल्लंघन पर 1 लाख का अर्थदंड, दूसरी बार उल्लंघन पर रु0 5 लाख का अर्थदंड, तीसरी बार विद्यालय की मान्यता ही रद्द कर दी जाए। उन्होंने कहा कि बोर्ड की परीक्षाओं के रिजल्ट जारी हो रहे हैं किसी भी बच्चों से अंक पत्र व टीसी के नाम पर पैसे ना लिए जाए।
आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का आर0टी0ई0 एक्ट के तहत एडमिशन लिया जाए, इसके साथ ही विद्यालयों में अन्य पब्लिकेशन की अपेक्षा एनसीईआरटी की किताबें ही लागू की जाए।
उन्होंने कहा कि यह समिति उत्तर प्रदेश के दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए है, बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
इस बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, एआरटीओ, विद्यालय व संस्था के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य सहित अन्य उपस्थित रहे।
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