जिलाधिकारी ने ई0वी0एम0/वी0वी0पैट वेयर हाउस का मासिक निरीक्षण कर लिया जायजा
श्रावस्ती। भारत निर्वाचन आयोग के मंशानुसार मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उ0प्र0, लखनऊ के निर्देशानुसार जिला मजिस्ट्रेट/जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने जनपद मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट में स्थित ई0वी0एम0/वी0वी0पैट वेयर हाउस का मासिक निरीक्षण कर जायजा लिया। इस दौरान जिला मजिस्ट्रेट ने वेयर हाउस में रखे बैलेट यूनिट, कन्ट्रोल यूनिट तथा वी0वी0पैट की सतत् निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था को बनाये रखने तथा सीसीटीवी कवरेज के डी0वी0आर0 के सतत् संचालन व रिकार्डिंग के भी निर्देश दिये है। इस अवसर पर अपर जिला मजिस्ट्रेट ललित कुमार, भाजपा से जिलामंत्री राकेश मिश्रा, सपा से जिलाध्यक्ष सर्वजीत यादव, कांग्रेस के यशोदा नन्दन शर्मा, आम आदमी पार्टी से राहुल शुक्ला सहित निर्वाचन कार्यालय के सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी, वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक व अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
शोपीस बनी पानी की टंकी ग्रामीण परेशान
जमुनहा के द्वारिका गांव का मामला, 15 हजार की आबादी प्रभावित
श्रावस्ती। विकास खण्ड जमुनहा के ग्राम के मजरा द्वारिका गांव बाग में बनी पानी की टंकी ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गई है। आरोप है कि ऑपरेटर कभी-कभी ही जलापूर्ति करता है। इससे करीब 15 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है।
द्वारिका गांव बाग में बनी पानी की टंकी से ही जमुनहा बाजार, जमुनहा गांव, रानीपुरवा, रामजानकी मंदिर, काली मां मंदिर, गांधी चौक, भरत मिलाप चौराहा, वासुदेव चौराहा, होलिका दहन तिराहा, बड़का फत्तेपुर, नई बस्ती, ईदगाह, द्वारिका गांव, विधायक पुरवा, भवनियापुर, काशीराम पुरवा आदि कस्बा व मजरों में पानी की आपूर्ति मिलती है। इसके निर्माण का उद्देश्य करीब 15 हजार की आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था। स्थानीय लोगों के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत टंकी तो बना दी गई, लेकिन उसका संचालन सही ढंग से नहीं किया जा रहा है। यहां सुबह-शाम नियमित जलापूर्ति न कर आपरेटर मन मर्जी से ही आपूर्ति देता है। जिससे लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भीषण गर्मी और अब बारिश के मौसम में भी उन्हें हैंडपंप का ही सहारा लेना पड़ रहा है। महिलाओं को दूर से पानी लाना पड़ता है। कई बार शिकायत के बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि द्वारिका गांव की पानी टंकी से नियमित रूप से सुबह-शाम जलापूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। वहीं ग्राम प्रधान असरार आलम ने बताया कि ऑपरेटर इतना लापरवाह है कि सुनने को तैयार नहीं है। शिकायत करने पर फोन भी नहीं उठाता। उसे बदलने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि जलापूर्ति के संचालन और मरम्मत के लिए बीटिल नामक संस्था से एग्रीमेंट हुआ था, लेकिन संस्था वाले काम नहीं कर रहे हैं।

